71 संवेदनशील ग्राम पंचायतों में अतिरिक्त सशस्त्र जाब्ता तैनात, 40 सुपरवाइजरी अधिकारियों ने संभाली निगरानी उदयपुर, 25 अक्टूबर। पंचायती राज चुनाव-2026 के प्रथम चरण में उदयपुर पुलिस ने जिले की 10 पंचायत समितियों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए। 284 ग्राम पंचायतों के 827 मतदान केंद्रों पर पुलिस और होमगार्ड तैनात रहे। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सशस्त्र बल लगाया गया, जबकि मतदान के दौरान निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए 96 पुलिस मोबाइल दल गठित किए गए। पुलिस के अनुसार जिला परिषद, पंचायत समिति, सरपंच, वार्ड पंच और उप सरपंच पदों की चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में झाड़ोल, फलासिया, ओगणा, गिर्वा, नाई, मावली, घासा, वल्लभनगर, भींडर और कुराबड़ पंचायत समितियों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 22 अक्टूबर को मतदान हुआ। सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए 24 अक्टूबर को वोट डाले गए। इन पदों की मतगणना मतदान समाप्ति के बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर हुई। 25 अक्टूबर को उप सरपंच पद के चुनाव भी शांतिपूर्वक संपन्न कराए गए। 71 संवेदनशील ग्राम पंचायतों पर अतिरिक्त सुरक्षा पुलिस ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक हेड कांस्टेबल या कांस्टेबल के साथ एक होमगार्ड तैनात किया था। प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक सहायक उप निरीक्षक या हेड कांस्टेबल के साथ तीन कांस्टेबल लगाए गए। सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील घोषित 71 ग्राम पंचायतों में इस व्यवस्था के अतिरिक्त एक सहायक उप निरीक्षक या हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल तैनात किए गए। इनमें दो सशस्त्र कांस्टेबल शामिल थे। मतदान के दौरान औसतन तीन ग्राम पंचायतों पर एक मोबाइल दल के हिसाब से 96 दल बनाए गए। प्रत्येक दल में एक उप निरीक्षक या सहायक उप निरीक्षक तथा तीन कांस्टेबल शामिल थे। इन दलों ने सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय रखते हुए संवेदनशील और असुरक्षित क्षेत्रों में लगातार गश्त की। रिजर्व बल और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी मैदान में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप अधीक्षक और पुलिस निरीक्षक स्तर के 40 सुपरवाइजरी अधिकारी लगाए गए। प्रत्येक पंचायत समिति मुख्यालय पर 30 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल का रिजर्व बल तैनात रखा गया। इनके पास लाठी, ढाल, हेलमेट, दो पंप एक्शन गन और वाहन सहित गैस पार्टी की व्यवस्था थी। जिला मुख्यालय पर भी 300 पुलिसकर्मियों का रिजर्व बल तैयार रखा गया। इसके अतिरिक्त रेंज मुख्यालय पर बी और सी ट्रेनिंग कंपनियों, एमबीसी खैरवाड़ा तथा महाराणा प्रताप बटालियन के जवानों को दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ अलर्ट रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मुकुल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश ओझा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खैरवाड़ा रजत विश्नोई सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली। संबंधित वृत्ताधिकारियों और थानाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल के साथ लगातार भ्रमण कर शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे। दूरसंचार की समस्या वाले डार्क जोन क्षेत्रों में स्टेटिक वायरलेस सेट लगाए गए, ताकि पुलिस का आपसी संपर्क बना रहे। सादे कपड़ों में तैनात खुफिया टीमों ने भी गतिविधियों पर नजर रखी। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से लागू निषेधाज्ञा की पालना सुनिश्चित कराने के साथ ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया। प्रथम चरण की प्रक्रिया पूरी होने पर डॉ. अमृता दुहन ने चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों, थानाधिकारियों, होमगार्ड, आरएसी, रेंज रिजर्व के जवानों और प्रशासनिक अमले की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण मतदाताओं का भी आभार जताया और कहा कि चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में जनता का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation स्कूटी चोरी का ऐसा शौक, पेट्रोल खत्म होते ही छोड़ देता वाहन; 24वीं बार गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर 76 साल की उम्र में भी दमदार प्रदर्शन, उदयपुर के हरीश चावला ने जीता गोल्ड