हजारो कावड यात्रियों ने श्री महाकाल मंदिर में शहर में अमन, चैन खुशहाली की प्रार्थना के साथ श्री महाकाल का गंगाजल से जलाभिषेक 24 News Update उदयपुर। श्री महाकालेश्वर कावड यात्रा समिति द्वारा आज प्रातः 11.30 बजे आयड स्थित गंगाजी के चोथे पाये गंगोदभव शिव मंदिर में महाकालेश्वर कावड यात्रा समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष के.के.शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में पं. दिलीप शर्मा द्वारा विधि विधान से पुजा अर्चना कर कावडा यात्रा श्री महाकाल मंदिर के लिये प्रस्थान हुई। कावड यात्रा के अवसर मुख्य अतिथि काली कल्याणी सेक्टर 14 के गादीपति डाॅ. हेमन्त जोशी, विशिष्ठ अतिथि डाॅ. दरियावसिंह चुण्डावत, श्री सत्यनारायण चैधरी, श्री सुधीर पोद्दार, श्री कृष्णकांत शर्मा योगाचार्य डाॅ. प्रीतमसिंह चुण्डावत, क्षैत्रीय पार्षद हितांशी शर्मा, जगत नागदा, पुष्कर आमेटा दिनेश श्रीमाली उपस्थित थे ।कावड यात्रा समिति के अध्यक्ष के.के.शर्मा ने बताया कि कावड यात्रा में सबसे महाकाल कावड यात्रा का ध्वज, राष्ट्रीय ध्वज उसके पीछे दो त्रिशुल तनिष्क चैधरी एवं योगेन्द्र शर्मा लेकर चल रहे थे उसके पश्चात् पंक्तिबद्ध तरीके से मधुर स्वरलहरिया बिखेरते हुए बेण्ड इसके बाद कावड यात्रा की पताका, राष्ट्रीय ध्वज लिये कावड यात्रा की शोभा बढा रहे थे। इसके पश्चात् पुरूष एवं महिला कावडियें हर हर महादेव के जयकारो के साथ चल रहे थे । संपूर्ण कावड यात्रा मार्ग में जगह जगह शहर वासियों द्वारा शिव भक्त कावडियों का स्वागत किया गया । श्री शर्मा ने उदयपुर शहर जिला पुलिस प्रशासन का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहां कि शहर पुलिस प्रशासन के अथक प्रयासों से उक्त संपूर्ण कावड यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से सफल हुई।श्री शर्मा ने बताया कि यह अवसर अपने भीतर के रुद्र को जागृत करने का है, हजारों शिवभक्त ‘हर-हर महादेव’ के घोष के साथ जब गंगाजल से भरी कांवड़ उठाते हैं, तो मानो पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। यह यात्रा हमारे भीतर बैठे अहंकार को धो देती है, हमारे मन को निर्मल बनाकर प्रभु के चरणों में समर्पित कर देती है।” उन्होंने समाज के हर वर्ग, हर आयु, हर जाति के लोगों से भावुक आग्रह किया है कि वे इस दिव्य आयोजन में भाग लेकर पुण्यलाभ प्राप्त करें। इस यात्रा में हिस्सा लेना दिल से जुड़ना है कृ उस अनंत शक्ति से, जो कण-कण में व्याप्त है। यह वह अवसर है जब हर भक्त शिव को सर्वशक्तिमान मानकर, नंगे पांव, भरी गर्मी मे गंगाजल लिए चल रहे थे आत्मशुद्धि की राह पर। शिवभक्ति की यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन की सबसे सुंदर साधना है।इस अवसर पर कावड यात्रा समिति के महासचिव लक्ष्मीकान्त जोशी ने बताया कि कावड यात्रा अपने निष्चित समय पर प्रातः 11.30 बजे गंगोद्भव आयड से रवाना होकर, आयड मेन रोड, आयड पुलिया, अषोक नगर मेन रोड, माताजी मंदिर से शक्ति नगर, टाउनहाॅल, सुरजपोल, अस्थल मंदिर, मुखर्जी चैक, बडा बाजार, घंटाघर, जगदीष चैक, चांदपोल पुलिया से अम्बापोल, .अम्बामाता मंदिर, आयुर्वेद चैराहा (.राडाजी चैराहा), से दोपहर 1.15 बजे श्री महाकाल मंदिर पहुंच हजारो कावडियों ने भगवान महादेव के जयकारो के साथ जलाभिषेक किया ।कावड यात्रा एवं शोभायात्रा को मार्ग में कई अग्रिम धर्म संगठनों द्वारा स्वागत किया व कई शिव भक्तों द्वारा स्वागत कर जल, फल, बिस्किट वितरित किये गये ।कावड यात्रा में विशेषरूप से कई पदाधिकारियों का सहयोग रहा है जिसमें प्रमुख रूप से कावड यात्रा समिति के संयोजक मोहनलाल साहू, भंवर चैधरी, अर्जुन धाभाई, लक्ष्मीकान्त जोशी,योगेन्द्र शर्मा, हिम्मतलाल नागदा, ओम नंदवाना, ओम जोशी, रमेश भावसार, प्रभाष सुखवाल, पुष्कर शर्मा, सुभाष चित्तौडा, भगवतीलाल चित्तौडा, महेश शर्मा, श्याम चित्तौडा, भैरूलाल गायरी, भंवर सालवी, पराग शर्मा, राजेश मेनारिया, मोहन मेनारिया, राजकुमार मेनारिया, एच.आर.दवे महिला संयोजक श्रीमती कुसुम शर्मा, श्रीमती अर्चना शर्मा, श्रीमती चन्दा औदिच्य, श्रीमती मीना जोशी, श्रीमती दिव्या जोशी, श्रीमती हेमलता नागदा, श्रीमती भगवती मेनारिया, श्रीमती हीरा देवी चैधरी, श्रीमती निर्मला चैधरी, श्रीमती चन्द्रकांता मेनारिया, श्रीमती चित्रा मेनारिया, श्रीमती सविता शर्मा सहित कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे जिनका विशेष सहयोग रहा । Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जनवरी से बकाया मानदेय, राखी से पहले टूटी उम्मीदें — उदयपुर की कुक कम हेल्पर बेहाल एथेंस में आयोजित अंडर-17 कुश्ती विश्व चैंपियनशिप विजेताओं ने किया संसद भ्रमण