24 News Update उदयपुर। केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के कोटा स्थित कार्यालय ने फसल वर्ष 2025-26 के लिए राजस्थान में अफीम की वैध खेती को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि राज्य के सात जिलों में कुल 49,140 लाइसेंस जारी किए गए हैं। ये लाइसेंस बारां, कोटा, झालावाड़, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों के कृषकों को प्रदान किए गए हैं।
उप-नारकोटिक्स आयुक्त, केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, कोटा के अनुसार जारी कुल लाइसेंसों में से 34,776 लाइसेंस अफीम गोंद उत्पादन के लिए, जबकि शेष 14,364 लाइसेंस बिना चीरे वाली अफीम पोस्त डोडा उत्पादन के लिए दिए गए हैं।
प्रत्येक लाइसेंस के लिए तय रकबा
नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम खेती के लिए प्रति लाइसेंस निर्धारित रकबा भी स्पष्ट किया गया है।
अफीम गोंद उत्पादन के लिए प्रत्येक लाइसेंस पर 10 एअर्स (0.10 हेक्टेयर अथवा 1000 वर्गमीटर) भूमि स्वीकृत की गई है, जबकि बिना चीरा डोडा उत्पादन के लिए 5 एअर्स (0.05 हेक्टेयर अथवा 500 वर्गमीटर) भूमि निर्धारित की गई है।
निरीक्षण व पैमाइश के लिए 47 टीमें मैदान में
अफीम की फसल की निगरानी, निरीक्षण और खेतों की सटीक पैमाइश के लिए 47 निरीक्षण टीमें गठित की गई हैं। केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारी और कर्मचारी प्रत्येक लाइसेंसधारी किसान के खेत पर जाकर फसल का निरीक्षण और माप-जोख कर रहे हैं, ताकि निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।उप-नारकोटिक्स आयुक्त, कोटा ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को यह कार्य पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी से करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध अनियमितता या भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत प्राप्त होती है, तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अफीम खेती से जुड़े किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, अनियमितता या शिकायत के लिए आमजन के लिए विभागीय ई-मेल
dnc-kota@cbn.nic.in तथा कंट्रोल रूम फोन नंबर 0744-2438328 उपलब्ध कराया गया है।

