24 न्यूज अपडेट. स्टेट डेस्क। राज्य सरकार के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में पशुपालन विभाग ने प्रदेश भर में एक दिवसीय उष्ट्र रोग निदान एवं उपचार शिविरों का आयोजन किया। पशुपालन निदेशक डॉ आनंद सेजरा ने बताया कि राज्य के 34 जिलों में 129 शिविर आयोजित किए गए जिनमें कुल 35517 पशुओं के विभिन्न रोगों की चिकित्सा की गई। उन्होंने बताया कि लक्ष्य से अधिक आयोजित हुए शिविर में जैसलमेर में 12, बाड़मेर में 11 तथा जोधपुर और बीकानेर में 10-10 शिविर आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि शिविरों में उपचार के लिए कुल 24 हजार 651 ऊंट आए जिनमें से 7 हजार 157 ऊंटों में सर्रा रोग का जबकि 17 हजार 494 ऊंटों में अन्य रोगों का उपचार किया गया। इन शिविरों में ऊंटों के अलावा अन्य पशुओं का भी इलाज किया गया जिनकी कुल संख्या 10 हजार 866 रही। राज्य के कुल 2 हजार 135 पशुपालकों ने इन शिविरों में भाग लिया और अपने पशुओं का मौके पर उपचार कराया। शिविर में शामिल होने वाले पशुपालकों में 69 महिला पशुपालक थीं जबकि 2066 पुरुष पशुपालक थे जिन्होंने इन शिविरों का लाभ उठाया। जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर और हनुमानगढ़ जिलों के पशुपालकों में इन शिविरों के प्रति खासा उत्साह दिखा।
ऊंटों में सर्रा रोग एक संक्रामक और संजीवनी रोग है, जो विशेष रूप से ऊंटों में पाया जाता है। यह रोग बैक्टीरिया Brucella melitensis के कारण होता है, जो प्रजनन अंगों को प्रभावित करता है। यह रोग ऊंटों के प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और मानवों में भी फैल सकता है, जिससे बृसेलोसिस या “ब्रूसीलोसिस” हो सकता है।
सर्रा रोग के लक्षण:
गर्भपात – यह रोग गर्भवती ऊंटों में गर्भपात का कारण बन सकता है।
बुखार – ऊंटों में उच्च बुखार और कमजोरी देखी जाती है।
जोड़ों में सूजन – ऊंटों के जोड़ों में सूजन और दर्द हो सकता है।
दूध की कमी – दूध उत्पादन में कमी आ सकती है।
प्रजनन क्षमता में कमी – ऊंटों की प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है।
बचाव और उपचार:
टीकाकरण – सर्रा रोग के लिए ऊंटों को टीका लगाया जा सकता है, जिससे वे इस रोग से बच सकते हैं।
स्वच्छता – ऊंटों के अस्तबल और उनके आस-पास की जगह को साफ-सुथरा रखना जरूरी है।
मेडिकल उपचार – अगर ऊंट इस रोग से संक्रमित हो जाते हैं, तो चिकित्सा सलाह के तहत एंटीबायोटिक्स का उपयोग किया जा सकता है।
यह रोग मानवों में भी फैल सकता है, इसलिए संक्रमित ऊंटों से संपर्क करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।

