24 News Update उदयपुर। शहर के एक नामी डॉक्टर को उनकी दिवंगत पत्नी की स्मृति में फिल्म बनाने और इसके बदले 200 करोड़ रुपए तक के मुनाफे का सपना दिखाकर 30 करोड़ से अधिक की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भूपालपुरा थाना पुलिस ने निर्देशक विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट, प्रोड्यूसर महबूब, उदयपुर के दिनेश कटारिया और अन्य को मिलाकर आठ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कैसे शुरू हुआ धोखाधड़ी का खेल
गोविंदपुरा, एमबी कॉलेज के सामने रहने वाले डॉ. अजय मुर्डिया ने बताया कि उनका सम्पर्क यूएसएम म्यूजिक ग्रुप के जरिए उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया से हुआ। डॉ. मुर्डिया ने अपनी दिवंगत पत्नी इंदिरा मुर्डिया की पुण्यतिथि पर अनूप जलोटा का कार्यक्रम कराने की जिम्मेदारी कटारिया को दी, जिसे उसने सफलतापूर्वक आयोजित किया। इसके बाद कटारिया ने डॉक्टर को सलाह दी कि वे अपनी पत्नी की स्मृति में एक बायोपिक बनवाएं, जिससे “पूरे देश में अच्छा संदेश जाएगा और लागत का चार–पांच गुना लाभ मिलेगा।” कुछ दिन बाद कटारिया ने दावा किया कि उसने मुंबई के फिल्ममेकर विक्रम भट्ट से बात कर ली है। 25 अप्रैल 2024 को वह डॉक्टर को मुंबई के वृंदावन स्टूडियो ले गया, जहां भट्ट ने पूरी मदद का भरोसा दिया और कहा—“आप बस पैसा भेजते रहिए, काम हम कर लेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी श्वेतांबरी और बेटी कृष्णा फर्म VSB LLP के जरिए फिल्म निर्माण से जुड़ी हैं।
40 करोड़ से बढ़कर 47 करोड़ का सौदा
बात आगे बढ़ी और दो फिल्मों—बायोपिक और महाराणा—के लिए वीएसबी एलएलपी व इंदिरा इंटरप्राइजेज के बीच 40 करोड़ का एग्रीमेंट हुआ। 31 मई 2024 को डॉ. मुर्डिया ने पहली किस्त के रूप में 2.5 करोड़ रुपए आरटीजीएस से भेजे। कुछ दिनों बाद भट्ट दंपति उदयपुर पहुंचे और दावा किया कि यदि 7 करोड़ और लगाए जाएं तो वे चार फिल्में 47 करोड़ में बना देंगे। उनका कहना था कि फिल्मों की रिलीज के बाद 100–200 करोड़ रुपए तक का मुनाफा होगा। इसके बाद डॉक्टर इंदिरा एंटरटेनमेंट अकाउंट से भट्ट दंपति के बताए वेंडरों को लगातार भुगतान करते रहे।
नई कंपनी, फर्जी बिल और 30 करोड़ की हेराफेरी
2 जुलाई 2024 को इंदिरा एंटरटेनमेंट LLP नाम से नई फर्म बनाई गई, जिसमें डॉ. मुर्डिया और श्वेतांबरी भट्ट 50–50 भागीदार बने। फिल्म निर्माण के नाम पर विभिन्न खातों में 77.86 लाख और कुल 2.45 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवाए गए। इंदिरा एंटरटेनमेंट से कुल 42.70 करोड़ रुपए का भुगतान दिखाया गया, जबकि चार फिल्मों का बजट 47 करोड़ तय था।
लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही निकली— चार में से केवल दो फिल्में बनकर रिलीज हुईं, तीसरी फिल्म ‘विश्व विराट’ केवल 25% बनी, चौथी फिल्म ‘महाराणा–रण’ की शूटिंग आज तक शुरू नहीं हुई।
सिर्फ ‘महाराणा–रण’ के नाम पर ही 25 करोड़ रुपए एडवांस ले लिए गए और बाद में 11 करोड़ रुपए और मांगे गए। आरोप है कि फर्जी व ओवरवैल्यूड बिल, फर्जी व्यक्तियों के वाउचर और आपसी मिलीभगत से फंड की हेराफेरी की गई। कुल ठगी 30 करोड़ से अधिक निकली।
साजिश की मुख्य कड़ी: दिनेश कटारिया
डॉ. मुर्डिया के अनुसार, पूरे मामले में फंसे जाने का काम दिनेश कटारिया ने किया। उसने “फिल्मी दुनिया की चमक” दिखाकर उन्हें मुंबई ले जाकर भट्ट से मिलवाया और उनके भरोसे का गलत फायदा उठाया।
किस-किस पर केस दर्ज: कुल 8 आरोपी
विक्रम प्रवीण भट्ट – निर्देशक
श्वेतांबरी भट्ट – पत्नी
कृष्णा भट्ट – पुत्री
दिनेश कटारिया – उदयपुर
महबूब अंसारी – प्रोड्यूसर
मुदित बुटट्टान – दिल्ली
गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव – चेयरमैन, FWICE
अशोक दुबे – जनरल सेक्रेटरी, FWICE
कौन-कौन सी धाराएं लगीं
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 318(4), 316(2), 336(3), 340(2) और 61(2) में मामला दर्ज हुआ है। इनमें धोखाधड़ी सहित कई गंभीर अपराध शामिल हैं, जिनमें 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
डॉक्टर की मांग
डॉ. मुर्डिया ने मांग की है कि आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए और फिल्म निर्माण से संबंधित सभी सामग्री—स्क्रिप्ट, फुटेज, हार्ड ड्राइव, म्यूजिक मास्टर, IPR आदि—इंदिरा एंटरटेनमेंट को वापस दिलाई जाए।

