तमिलनाडु। तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी सब-जेल में सोमवार देर रात सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए 17 कैदी फरार हो गए। कैदियों ने एक साथी को मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक रचा और मदद के लिए सेल में पहुंचे जेलकर्मियों पर हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। अब तक पांच कैदियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, कैदियों ने जेलकर्मियों को बताया कि एक बंदी को दौरा पड़ रहा है। उनकी बात पर भरोसा कर जैसे ही कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी सेल का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे, वहां मौजूद कैदियों ने उन पर हमला कर दिया और भाग निकले। इस दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी के सिर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें जी. विलाक्कु सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो अन्य जेलकर्मियों को भी मामूली चोटें आई हैं। 17 टीमें तलाश में जुटीं, सीमावर्ती इलाकों में अलर्टघटना के बाद फरार कैदियों को पकड़ने के लिए 17 विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं। आसपास के जिलों में अलर्ट जारी करने के साथ केरल पुलिस को भी सूचना दी गई है। मदुरै, डिंडीगुल और केरल के इडुक्की जिले के अधिकारियों के साथ कैदियों की तस्वीरें साझा की गई हैं।डिंडीगुल जिले में 16 स्थानों पर चेकपोस्ट बनाकर वाहनों की जांच की जा रही है। बस स्टैंड और तमिलनाडु-केरल सीमा पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कैदी जेल के तीन सुरक्षा द्वार और मुख्य द्वार पार कर बाहर निकलने में कैसे सफल हुए।सुरक्षा में चूक के मामले में ड्यूटी पर तैनात नौ जेलकर्मियों और अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है। विपक्ष ने सरकार को घेराघटना ने तमिलनाडु में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर निशाना साधा है। डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने चेन्नई की पुजल जेल से दो कैदियों के फरार होने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब थेनी में एक साथ 17 कैदियों का भागना गंभीर चिंता का विषय है।एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने भी जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन थिरुपति ने इसे सरकार की नाकामी बताया।तमिलनाडु में कैदियों के सामूहिक रूप से फरार होने की यह घटना 1995 की एक बड़ी घटना की याद दिलाती है। उस समय वेल्लोर किले के भीतर बने विशेष हिरासत केंद्र से लिट्टे (LTTE) के 43 संदिग्ध कैदी करीब 153 फीट लंबी सुरंग बनाकर फरार हो गए थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 6 फीट ऊंची दीवार फांदकर बाड़े में घुसा लेपर्ड, बछड़े का शिकार कर दूसरे रास्ते से भागा फुलेरा-मदार रेलखंड पर 11 घंटे का मेगा ट्रैफिक ब्लॉक, भांवसा स्टेशन पर अतिरिक्त लूप लाइन की सफल कमीशनिंग