24 न्यूज अपडेट. सूरत। सूरत में शुक्रवार को सुबह 5.24 बजे ट्रैक पर फिश-प्लेट मिलने व 71 की निकली होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आपको बता दें कि शुक्रवार को सुबह 5.24 बजे ट्रैक पर फिश-प्लेट रखी मिली थी। साथ ही 71कीज निकली मिली थीं। इस पर हंगामा हो गया था व सोशल मीडिया पर तरह तरह से कयास लगाते हुए कुछ खास लोगों पर आरोप लगाए जा रहे थे। अब जांच में पता चला कि इसकी सूचना देने वाला की-मैन ही आरोपी है। इस की-मैन सुभाष कुमार पोद्दार ने कबूला कि इनाम और प्रमोशन पाने के लिए दो अन्य कर्मचारियों की मदद से यह साजिश रची थी। घटना 20 सितंबर की है। कीज और फिश प्लेटें इन तीनों ने निकाली थीं। सुभाष ने सोचा कि बड़ा हादसे रोकने की सतर्कता की वजह से प्रमोशन और इनाम मिल जाएगा। ट्रैकमेन मनीष कुमार मिस्त्री और शुभम जायसवाल भी साथ मिल गया। एसीपी हितेश जोयसर ने बताया कि साजिश सुभाष पोद्दार ने की, मनीष और शुभम से कहा कि ट्रेन हादसा रोकने पर तीनों सोशल मीडिया में हीरो बन जाएंगे। इसके अलावा रेलवे बोर्ड से नगद इनाम और मेडल का साथ प्रमोशन भी मिलेगा।आरोपी बतौर ट्रैकमैन ट्रैक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सुभाष पिछले 9 सालों से रेलवे में नौकरी कर रहा है। मनीष डेढ़ साल से है। शुभम कॉन्ट्रेक्ट पर है। इस बीच मध्य प्रदेश में बुरहानपुर के पास 18 सितंबर को आर्मी की स्पेशल ट्रेन गुजरने से पहले ट्रैक पर डेटोनेटर्स फटे थे। इस मामले में भी रेलवे कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। 2 फिश प्लेट खोलने में ही 30 मिनट का समय लग सकता है। एक किमी की दूरी पर दो फिश प्लेट और 78 पेडलॉक निकाले गए। इसमें एक घंटे तक का समय लग सकता है। ट्रैक पर इतने लंबे समय तक काम करना संभव नहीं है। ऐसे में पुलिस की जांच में साफ हो गया कि हो ना हो यह कोई रेलवे का अनुभवी कर्मचारी है। इस क्लू के मिलने के बाद आरोपी पकड़े गए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मावली में मदरसे को आवंटित जमीन को जंगी प्रदर्शन के बाद भूमि निरस्त करने की अनुशंसा बड़गांव में गवरी का समापन 26 को, 25 को गड़ावण: हाथी पर सवार होकर आएगी मां गौरज्या