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सीएए पर घमासान : :मुस्लिम लीग पहुंची सुप्रीम कोर्ट, तमिलनाडु ने किया कानून लागू करने से इनकार

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24 न्यूज ब्यूरो। 4 साल, 8 एक्सटेंशन के बाद यह कानून लागू किया गया सीएए अर्थात सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट एक बार फिर से चर्चाओं में है। कल इस कानून को नोटीफाई किया गया था, आज गृह मंत्रालय ने इसके लिए वेब पोर्टल लॉन्च किया है जिस पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए गैर- मुस्लिम शरणार्थियों से नागरिकता के लिए आवेदन मांगे गए हैं। अब सीएए कानून देशभर में लागू कर दिया गया हैं। नागरिकता संशोधन कानून के तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता दी जाएगी। इस कानून के लागू होने की टाइमिंग भी देखी जा रही है। इस बीच आज इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सीएए पर रोक की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रूख कर लिया हैं। इस याचिका में सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट 2019 और सिटिजनशिप अमेंडमेंट रूल्स 2024 के विवादित प्रावधानों को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। आपको बता दें कि 6 महीने में इसे नियम बनाकर लागू करने की बात कही गई थी मगर अब इसके नियम बनाए गए हैं। अप्रैल-दिसंबर 2021 में 1,414 विदेशियों को भारतीय नागरिकता दी गई थी।
वेदन कैसे कर सकेंगे
सीएए के लिए नागरिकता के लिंक https://indiancitizenshiponline.nic.in/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदक को इसमें यह बताना होगा कि उनका देश में आगमन कब हुआ। पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज नहीं होने पर भी आवेदन कर पाएंगे। संसद ने 11 दिसंबर 2019 को इसे पारित किया गया था।

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