24 न्यूज अपडेट, भीलवाड़ा। सोमवार रात 8 बजे शाहपुरा के आरणी गांव में दो सांड आपस में भिड़ गए और लड़ते-लड़ते रामेश्वर माली के बिना मुंडेर के 40 फीट गहरे कुएं में जा गिरे। कुएं में 12 फीट पानी था मगर लंबे समय से बंद था। नजारा देख रहे युवकों ने जेसीबी मंगवाई व अपने स्तर पर ही सांडों को बचाने का प्रयास शुरू किया। काफी कोशिशों के बाद एक सांड बाहर आ गया। दूसरा नहीं निकला तो कुएं की सीढ़ियों को पकड़ते हुए सुखदेव गाड़री (18) पुत्र देवीलाल नीचे गया। नीचे पता नहीं था कि जहरीली गैस का है। दम घुटने से सुखदेव बेहोश हो गया, इससे पहले वो चिल्लाया। कमर में रस्सा होने से सुखदेव को जेसीबी की मदद से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद धनराज (22) पुत्र रामेश्वर माली उतरा। वह भी अंदर ही बेहोश हो गया। वापस नहीं आने पर शंकर (30) पुत्र हजारी माली गया वो भी बेहोश हो गया। शंकर के भाई कमलेश (25) ने खतरा भांप कर खुद जाने का फैसला किया। उसे लगा कि वह भाई को बचा लेगर मगर वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। इतना होने पर भी बाहर खड़े लोगों ने बाल किशन (25) को रस्सा बांधकर कुएं में उतर दिया। वो भी बेहोश हो गया। ग्रामीणों ने उसे तुरंत बाहर निकाल लिया। हादसे में सगे भाई कमलेश और शंकर व गांव के धनराज की मौत हो गई। सूचना के बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गई व हाहाकर मच गया। रात 9 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। आधे घंटे की मशक्कत के बाद रात 9.30 बजे धनराज का शव निकला। उसके बाद जिंक की रेस्क्यू टीम मौके पर आई। उनके सहयोग से 10.30 बजे कमलेश और रात 12.30 बजे शंकर का शव निकाला गया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
सांड लड़े, कुएं में गिरे, बचाने उतरे 3 युवकों की जहरीली गैस से मौत

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