24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। राजस्थान विद्यापीठ के संघटक उदयपुर स्कूल ऑफ सोशल वर्क के सेंटर फॉर एक्सीलेंस के तहत आयोजित तीन दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग एचआर, आईआर, ईआर कार्यक्रम का समापन शनिवार को कुलपति सभागार में सम्पन्न हुई। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने कहा कि किसी भी संस्था या किसी भी कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कौशल विकास मूल्य परख व गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ साथ भावनात्मक जुड़ाव सम्बंधों की दिशा में एक मजबूत आयाम सुनिश्चित करते है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग ज्ञान वृद्धि के लिए करें। आज 90 दिन में नवीन तकनीक का इजाज होता है इसलिए आवश्यकता है समय के साथ अपडेट रहने की। मुख्य वक्ता सतीश चन्द्र जोशी – पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त भारत सरकार ने कहा कि सीखना एक निरंतर चलने वाली सतत् प्रक्रिया है। समय के साथ अपनी निपुणताओं में वृद्वि करके ही मानव संसाधन प्रबंधक वर्तमान एवं भविष्य की चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से कर सकते है। समय के अनुसार तकनीक में आए बदलावों के साथ समंजस्य कुशलताओं में वृद्धि करके ही किया जा सकता है। प्रारंभ में आयोजन सचिव डॉ. अवनीश नागर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि तीन दिवसीय प्रोग्राम में प्रफुल्ल कांटे – भारत पेट्रोलियम कारर्पोरेशन ऑफ इंडिया मुम्बई , लोकेश कुमार – गैर अथोरिटी ऑफ इंडिया लि. गुजरात, डेसी कुमार – न्यूक्लीयर पॉवर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया रावतभाटा, आरएसएमएम से धर्मेन्द्र विजय, भावना शर्मा, विजय शर्मा, सुखराज परमार – जेके लक्ष्मी सीमेंट सिरोही, अडानी एनर्जी से दिपेन्द्र सिंह, बीएन विधि महाविद्यालय से डॉ. अनिला, डॉ. किरण चौहान, विद्यापीठ प्रबंध अध्ययन संस्थान से डॉ. शिल्पा कंठालिया, डॉ. हीना खान, डॉ. नीरू राठौड़, बीएन से डॉ. राहुल खन्ना, डॉ. सतीक्षा, विद्यापीठ विधि महाविद्यालय से डॉ. सुरेन्द्र सिंह, डॉ. नवल सिंह राजपूत ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.़ सीता गुर्जर ने किया जबकि आभार डॉ. लालाराम जाट ने जताया।
समग्र विकास के लिए भावनात्मक जुड़ाव जरूरी : प्रो. सारंगदेवोत

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