उदयपुर। इवेंट मैनेमेंट करने वाला निकला मुख्य आरोपी। उसने समझा कि इवेंट की तरह से चोरी को भी एक इवेंट बना दूंगा व शातिर दिमाग से बच निकलूंगा लेकिन केवल 48 घंटे में ही धर लिया गया। सटï्टेबाजी के नशे ने उसको अपराध की दुनिया की तरफ धकेल दिया। पहले छोटी-मोटी चोरियां कीं व उसके बाद बड़ा हाथ आजमाने की सोची। मुख्य आरोपी मास्टरमाइंड दीपक चण्डालिया ने अन्य युवकों को जो उसके साथ ही इवेंट का काम करते थे, उनको अपने साथ लिया और खेल-खेल में यह डकैती का खेल खेला लेकिन पुलिस ने सारा खेल बिगाड़ दिया।
सुखेर थाना क्षेत्र में ं5 नवंबर को पॉश कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई लूट की घटना का पुलिस ने महज 48 घंटों में खुलासा कर दिया है व घटना में शामिल चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे करीब 20 लाख रुपये के सोने के जेवरात बरामद किए गए हैं। घटना में प्रयुक्त वाहन, एक हुण्डई ईओन कार, भी पुलिस ने जब्त की है। पीड़िता,अनिता पोरवाल (63 वर्ष), निवासी 27 न्यू अशोक विहार, ने 5 नवंबर को पुलिस थाना सुखेर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह दिन के करीब 4.30 बजे अपने घर पर अकेली थी, तभी दो अजनबी युवक उनके घर आए। उन्होंने क्रिकेट की गेंद का बहाना बनाकर महिला को घर के अंदर बुलाया और फिर वहां से भाग गए। कुछ देर बाद, एक और युवक आया, जिसने वही बहाना दोहराया और फिर महिला को पानी पीने के लिए किचन तक ले गया। इस दौरान, आरोपी ने महिला के साथ मारपीट की और उसे किचन में बंद कर दिया। महिला ने चिल्लाकर अपने पड़ोसियों को मदद के लिए पुकारा, जिसके बाद वह उसे बचाने के लिए दौड़े। महिला ने देखा कि घर में रखे सोने के जेवरात, जिसमें सोने के पाटले, मंगलसूत्र, और चूड़ियां थीं, चोरी हो चुके थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर के एसपी उदयपुर योगेश गोयल ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। एडिशनल एसपी उमेश ओझा, और डिप्टी एसपी कैलाश चन्द्र खटीक,, के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल के आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। पुलिस को पता चला कि लूट की घटना में इस्तेमाल की गई वाहन एक हुण्डई ईओन थी, जो भीलवाड़ा से आई थी।
सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अभियुक्तों की पहचान की और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस को एक सूचना मिली कि संदिग्ध वाहन भीलवाड़ा जिले से आ रही है, जिसके बाद टीम भीलवाड़ा की ओर रवाना हुई।
पुलिस ने भीलवाड़ा के जयपुर में स्थित अभियुक्त दीपक चण्डालिया को गिरफ्तार किया, और उसने पूछताछ में घटना में अपने साथी लक्ष्मण रावत, ओमप्रकाश रावत और शिवदयाल के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने घटना में लूटी गई संपत्ति, जिनमें सोने के जेवरात शामिल हैं, बरामद किए। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान दीपक चण्डालिया (35 वर्ष), निवासी भीलवाड़ा (मुख्य आरोपी), शिवदयाल सालवी (20 वर्ष), निवासी कामलीघाट, देवगढ़,ओमप्रकाश रावत (24 वर्ष), निवासी कीटो का बाड़िया, देवगढ़,लक्ष्मण रावत (23 वर्ष), निवासी कामलीघाट, देवगढ़के रूप में हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी दीपक चण्डालिया ने घटना में शामिल अन्य युवकों को ईवेंट्स में काम करने के दौरान अपने साथ मिलाया और फिर यह वारदात को अंजाम दिया। दीपक चण्डालिया पर पहले भी चोरी और सट्टा खेलने के आरोप थे।
सट्टे का शौकीन दीपक चंडालिया निकला मास्टरमाइंड, 20 लाख की लूट का 48 घंटे में खुलासा

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