24 न्यूज अपडेट. गुजरात ब्यूरो। गुजरात से एक गजब का मामला सामने आ रहा है। यहा ंएक परिवार ने ’लकी’ कार को कबाड़ में देने के बजाय दफनाने का चौंकाने वाला फैसला किया। उन्होंने अपनी संवदनाओं को व्यक्त करते हुए बकायदा कार की अंतिम यात्रा तक निकाली गई व उसमें कार को फूलों से सजाते हुए गाजे-बाजे के साथ कार को समाधि तक विदा किया। इसके लिए 10 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा किया गया व दफनया गया। मामला अमरेली जिले के पडरसिंगा गांव का है। खबर के अनुसार एक किसान संजय पोरला ने कल अनोखे अंदाज में अपनी प्रिय कार को अंतिम विदाई दी। पूरे कार्यक्रम पर 4 लाख का खर्चा भी किया बताते हैं। संजय ने कहा कि 2014 में इस कार को उन्होंने सेकेंड हैंड खरीदा था। कार के घर में आते ही उनका गुडलक चालू हो गया। उनकी आर्थिक तरक्की शुरू हो गई। खेती-किसानी और व्यापार भी खूब फल फूल गया। अपनी लकी कार को अब 10 साल बाद वे बेचना नहीं चाहते हैं बल्कि उसे दफना रहे हैं। कार की याद को हमेशा जीवित रखने के लिए उस जगह एक पेड़ लगाएंगे। आपको बता दें कि कार की इस समाधि से पहले रात्रि भोज हुआ जिसमें पूरे गांव को न्योता था। करीब 1500 लोगों का यह मृत्यु भोज था। लोगों ने कहा कि हमें कार मालिक की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए। ऐसा ना तो पहले देखा ना आगे कभी देखने की उम्मीद है। अंतिम यात्रा में भी घर-परिवार व दोस्त सहित 50 से अधिक लोग थे।
सच्ची कार-सेवा : अंतिम यात्रा निकाल कर ’लकी’ कार को दफनाया, विदाई भोज दिया

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