
24 news update उदयपुर। हार्टफुलनेस मेडिटेशन इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित होप कार्यशाला के द्वितीय सत्र में स्पॉट लाइट सत्र के अंतर्गत पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से पधारे पूज्य साध्वी देववाणी जी का आशीर्वचन हुआ l आपने अपने विचार अभिव्यक्ति में साधना के माध्यम से लक्ष्य प्राप्ति की ओर इंगित करते हुए बताया कि साधना के माध्यम से लक्ष्य प्राप्त करने के लिए भौतिक शरीर यानी अन्नमय कोश को स्वस्थ रखना जरूरी है जब शरीर स्वस्थ रहेगा तो मन भी स्वस्थ रहेगा शरीर का मन पर प्रभाव पड़ता है और मन का शरीर पर प्रभाव पड़ता है और हम ध्यान के माध्यम से साधना में गहराई ला सकते हैं l ध्यान साधना में गहराई लाने के लिए शरीर और मन के साथ-साथ आहार पर भी उन्होंने जोर दिया और कहा कि जितना सात्विक आहार लेंगे तथा संयमित जीवन जिएंगे उतना ही साधना में गहराई आएगी l साधना के लिए उपवास का महत्व भी उन्होंने बताया और साधना में आने वाले अवरोधों की चर्चा भी की l साधना में गहराई लाने के लिए मन, वचन, कर्म में संयमित होना जरूरी है l
इससे पूर्व हार्टफुलनेस संस्थान के उदयपुर केंद्र समन्वयक डॉ राकेश दशोरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए होप कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला l कार्यशाला का आयोजन चित्रकूट नगर स्थिति भामाशाह सभागार में किया गया।
कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के कार्यकर्ता साध्वी गरिमा जी राज्य प्रभारी विजया देवी, मण्डल प्रभारी तारा जी सहित हार्टफूलनेस के डॉ सुबोध शर्मा, डॉ नम्रता जैन, मोहन बोराणा ने सकारात्मक सहयोग प्रदान किया l इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने चर्चा सत्र में अपने हृदय को पहचाने विषय पर अलग-अलग समूह में विभक्त होकर अपने हृदय को पहचाने विषय पर चर्चा की तथा हृदय की संवेदनशीलता, भावनात्मकता एवं मानव की पहचान हृदय से होने पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के संचलन डॉ कैलाश तिवारी , डॉ राकेश दशोरा एवं मुग्धा दशोरा ने किया।
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