शिक्षक भर्ती 2022 का रिवाइज्ड रिजल्ट कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा जारी किया जा रहा है ,बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज द्वारा बयान जारी किया गया कि रिवाइज्ड रिजल्ट में जो बाहर होंगे उन शिक्षकों को सेवा से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा၊ इस बयान के बाद आज उदयपुर जिले में पदस्थापित प्रभावित होने वाले शिक्षकों की बैठक फतहस्कूल के सभागार में राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न शिक्षकों द्वारा अपनी पीड़ा बताई गई ।अध्यापक नितेश कुमार द्वारा बताया गया की वो उन्होंने हाई कोर्ट एलडीसी की नौकरी से इस्तीफा देकर अध्यापक भर्ती 2022 में ज्वाइन किया था। अध्यापिका बदामी देवी द्वारा बताया गया कि उन्होंने कांस्टेबल की नौकरी से इस्तीफा देकर अध्यापक भर्ती में ज्वाइन किया। इसके साथ ही एक शिक्षक साथी ने सेंट्रल गवर्नमेंट की नौकरी को छोड़कर अध्यापक भर्ती 2022 में जॉइन किया । अब अगर सरकार इनको रिवाइज परिणाम के आधार पर बाहर कर देगी तो इनका भविष्य क्या होगा। कई शिक्षक साथी द्वारा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देते हुए बताया गया कि अगर सरकार ऐसा कर कर हमें नौकरी से बाहर करेगी तो हमारे परिवार का क्या होगा। इसमें बहुत सारे शिक्षक साथ उम्र सीमा को पार कर चुके हैं अगर सरकार इनकी नौकरी छीन लेगी तो उनके पास किसी भी प्रकार का अन्य भर्ती में चयन होने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। कई शिक्षक साथी अन्य भर्तियों मैं आवेदन भी नहीं कर रहे हैं। इन सभी विषय पर चर्चा कर कर शिक्षक साथी द्वारा सरकार के समक्ष यह मांग की गई की 2012 एवं 2013 भर्ती की भांति छाया पद सृजित करके इन शिक्षकों को नवीन पद सृजित करके इन्हे नौकरी मैं रखा जाए क्योंकि इन शिक्षकों द्वारा लगभग 1 वर्ष से विद्यालयों में सेवाएं दी जा रही है अगर रिवाइज परिणाम में यह शिक्षक बाहर हो जाएंगे तो इनकी सामाजिक आर्थिक प्रतिष्ठा पर आघात पहुंचेगा। चौहान ने बताया कि इस भर्ती के रिवाइज्ड रिजल्ट से प्रदेश में लगभग चार हजार शिक्षक प्रभावित होगे , इन शिक्षकों की नौकरीबचाने के लिए शिक्षक संघ हर सम्भव प्रयास करेगा ၊बैठक में जिला अध्यक्ष प्रथम सतीश जैन, जिला संयोजक संघर्ष समिति के भेरूलाल कलाल, जिला अध्यक्ष उदयपुर द्वितीय रूपलाल मीणा, कुराबड ब्लॉक अध्यक्ष ईश्वर सिंह , उदयपुर शहर अध्यक्ष सुभाष बिश्नोई, अमित कल्याण,चेतराम मीणा, विजेंद्र चौधरी, रईसखान, नरेश राव, रणवीर मीणा, अनिल, दीपिका हेमलानी, कंचन रेगर, राजीव कुमार, नारायण शर्मा आदि के साथ दर्जनों शिक्षक उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राजस्थान विद्यापीठ एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के साझे में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का हुआ आगाजभारत के जल संसाधन: अतीत, वर्तमान और भविष्य पर होगा मंथनसंस्कृति-ज्ञान को जड़ों से जोड़ना होगा -प्रो. देवनानीबेेहतर भविष्य के लिए अतीत से प्रेरणा लेकर बढ़ना होगा आगे – प्रो. देवनानीपर्यावरणीय चेतना सनातन का अभिन्न अंग -प्रो. देवनानीतार्किकता व वैज्ञानिकता आधारित ज्ञान से जुड़े युवा पीढ़ी – डाॅ. कोठारीपाठ्यक्रम में जुड़े समस्याओं के समाधान – डाॅ. कोठारीझीलों की नगरी का वाटर हार्वेस्टिंग के क्षेत्र में उत्प्रेरणीय योगदान – प्रो. सारंगदेवोत रोड सेफ्टी नोडल अधिकारी पीके मस्त के कार्यक्रम में युवाओं ने दिखाया उत्साह, हंसी ठिठौली के साथ खेल-खेल में सिखा सड़क सुरक्षा का सबक