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शातिर गैंग पकड़ी, गाड़ी को चुराते ही पुर्जा-पुर्जा बिखेर करे बेच देती, चार आरोपी गिरफ्तार

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24 न्यूज अपडेट. प्रतापगढ। प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी थाना पुलिस ने गुरुवार को एक शातिर वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। यह गिरोह चोरी की गाड़ियों को खोलकर उनके पुर्जों को अलग-अलग बाजारों में बेचता था। इसके अलावा वाहनों का हुलिया बदलकर उन्हें अन्य राज्यों में भी बेच देते थे। पुलिस ने मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के कुचडौद जंगल में दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और हाल ही में चुराई गई एक गाड़ी बरामद की। 27 जनवरी 2024 की रात एक टवेरा गाड़ी चोरी हो गई थी। पीड़ित योगेश कुमार जोशी ने अपनी गाड़ी विवेकानंद पार्क के पास खड़ी की थी। जब वे लौटे तो गाड़ी गायब थी। आसपास तलाश करने के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी विनीत कुमार बंसल के निर्देश पर छोटीसादड़ी थानाधिकारी प्रवीण टांक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया, जिसमें संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं।
जंगल में छिपाई थी चोरी की गाड़ी
पुलिस को सूचना मिली कि गाड़ी मंदसौर के कुचडौद जंगल में छिपाई गई है। पुलिस टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर चोरी की गई गाड़ी बरामद की और मौके से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने गाड़ी चोरी करने की बात कबूल की। थाना अधिकारी प्रवीण टांक ने बताया कि आरोपी गाड़ी चोरी के बाद सबसे पहले उसकी पहचान मिटाने का काम करते थे। सबसे पहले वाहन की नंबर प्लेट बदल दी जाती थी। पार्ट्स अलग करनाः गाड़ी के महत्वपूर्ण हिस्सों को अलग कर दिया जाता था। स्क्रैप में तब्दील करनाः कुछ पार्ट्स को स्क्रैप के रूप में बेच दिया जाता था। रंग और हुलिया बदलनाः वाहनों का रंग और नंबर प्लेट बदलकर दूसरे राज्यों में बेचने की योजना बनाई जाती थी। आसिफ शाह, इमरोज शाह, इस्माइल शाह, बृजेश लोहार को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी मंदसौर जिले के निवासी हैं और चोरी, भंगार बेचने और वेल्डिंग जैसे काम में माहिर हैं। इस पूरे ऑपरेशन में छोटीसादड़ी थाना प्रभारी प्रवीण टांक के साथ उपनिरीक्षक नारायण लाल मैडा, हेड कांस्टेबल सुरेश, महेश, कांस्टेबल कमल, विनय प्रताप सिंह और अविनाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आगे की जांच
पुलिस ने आरोपियों से आगे की पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले कितनी गाड़ियां चोरी की हैं और गिरोह में और कौन शामिल है। अन्य संदिग्धों की भी तलाश जारी है।यह सफलता पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता का परिणाम है। इस कार्रवाई से वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

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