24 न्यूज अपडेट उदयपुर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 484 जयंती आज पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। महाराणा प्रताप की जन्म और कर्म स्थली पर भी कई कार्यक्रम हो रहे हैं। झीलों की नगरी उदयपुर में मेवाड़ के पूर्व राज परिवार के डॉ लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने आज मोती मगरी पर महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित की। मेवाड़ ने महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित पर उन्हें नमन किया और 484 किलो चूरमे के लड्डू का भोग लगाया। इस मौके पर मोती मंगरी पर विशेष हवन का भी आयोजन किया गया जिसमें लक्ष्यराजसिंह ने आहुतियां देकर अपने परिवार की परंपरा का निर्वहन किया। उन्होंने महाराणा प्रताप जयंती पर प्रताप की वीरता और बलिदान को याद किया व संपूर्ण देशवासियों को महाराणा प्रताप जयंती की शुभकामनाएं भी दी। लक्ष्यराज सिंह मेवाड ने कहा कि मेवाड़ में तिथि के अनुसार जयंती मनाने की परंपरा है और सभी के सहयोग से ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को हर्षोल्लास के साथ सभी महाराणा प्रताप की जयंती मनाते हैं। यही नहीं उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के वंशज होने का एहसास ही गोरांवित महसूस कराता है। इधर, मोती मगरी पर विभिन्न संग्ठनों के लोग भी पहुंचे। मेवाड़ प्रताप दल की ओर से बंदूकों से प्रताप को सलामी दी गई तो वंदेमातरम-जयश्रीराम का नारा लगाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अतुलनीय योगदान देने वालों का सम्मान भी किया गया। राणा की जय-जय, शिवा की जय-जय, जय राणा प्रताप की के नारे लगे। विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि प्रताप जैसे शूरवीर यौद्धा से प्रेरणा लेकर हम भी अपने जीवन में मातृभूमि के लिए सर्वस्व त्याग को तैयार रहें। देशहित में अच्छा काम करें।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जयकारों से गूंजी मोती मगरी, 484 किलो चूरमे के लड्डू का भोग लगाया, राणा की जय-जय, शिवा की जय-जय का जयघोष

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