24 न्यूज़ अपडेट भीलवाड़ा. भीलवाड़ा और शाहपुरा जिले सहित पूरे भारत में रैगर समाज में अपनी विशेष पहचान रखने, भीलवाड़ा शाहपुरा रैगर समाज के भीष्म पितामह, शिक्षाविद, समाजसेवी, विभिन्न संगठनों के संरक्षक, युवाओं को नई दिशा प्रदान करने वाले, सभी वर्गों में विशेष पहचान रखने वाले जिनको अभी थोड़े दिन पहले ही स्वतंत्रता दिवस समारोह पर जिला कलेक्टर शाहपुरा द्वारा सम्मानित किया, ऐसे रैगर समाज के गौरव आदरणीय गोपी लाल मुंडेतिया का देवलोक गमन हो गया।
जिनके अंतिम संस्कार में शाहपुरा, भीलवाड़ा, केकड़ी, जहाजपुर,मांडलगढ़, काछोला, बिजोलिया, अजमेर, सहित सम्पूर्ण भारत से अनेक रैगर समाज के अधिकारी,कर्मचारी, जन प्रतिनिधि,अखिल भारतीय रैगर महासभा भीलवाड़ा एवम् शाहपुरा के पदाधिकारी, रिश्तेदार, शाहपुरा के सभी वर्गों के सैंकड़ो लोगों ने रैगर रत्न को विदा व शोक व्यक्त किया ।
अखिल भारतीय रैगर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी एल नवल ने शोक संदेश भेजकर भाव भीनी श्रद्धांजलि व्यक्त की।
उपस्थित सभी लोगों ने मौन धारण करके उनकी आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमात्मा से प्रार्थना की ।
रैगर समाज के भीष्म पितामह स्व. गोपी लाल के बताए गए संदेश को आजीवन पालन करेंगे। संत महात्माओं, महापुरुषों, अतिथियों एवम् युवाओं के लिए जीवन भर तैयार रहे और मार्गदर्शन करते रहे।
*रैगर समाज में व्याप्त कुरीतियों एवम् अन्धविश्वास को मिटाने के लिए जीवन भर प्रयास किया
रैगर समाज मुंडेटिया को रैगर समाज का भीष्म पितामह कहकर संबोधित करते थे, मैने बहुत सी सत्संगो के आयोजन में साक्षी रहा।अंतिम संस्कार कार्यक्रम पर उपस्थित रैगर समाज ने सर्वसम्मति से भीष्म पितामह के नाम से हमेशा पहचाने जाते रहे, आगे सभी भीष्म पितामह गोपी लाल के नाम रैगर समाज में प्रसिद्ध हो। सभी ने अपने हाथ खड़े कर के अपनी सहमति दी।
रैगर समाज बहुत तेज गति से उन्नति कर रहा , शिक्षा के प्रति माता पिता जागरुक होकर अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलवा रहे हैं लेकिन युवा पीढ़ी नशे की लत से ग्रसित होती जा रही है, युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनना जरूरी है अपने माता पिता एवम् बड़े बुजुर्गो के बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
रैगर समाज को फिजूल खर्ची, नशा प्रवृति और मृत्यु भोज करना जैसी कुरितियों को कम करना पड़ेगा और एक समय में बिल्कुल खत्म करना पड़ेगा, ऐसे विचार हमारे गोपी लाल मुंडेतिया के थे,अब हम सभी को उनकी बातों को ध्यान में रखना होगा।
पूरे रैगर समाज में शोक की लहर रैगर समाज ने अपना अनमोल रत्न खो दिया जिसकी पूर्ति असंभव।
रैगर समाज में भीष्म पितामह के नाम से पहचाने जाने वाले गोपी लाल मुंडेतिया हुवे पंच तत्व में विलीन

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