24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। डिजिटल जमाने में सरकारी काम किस अंदाज में होते हैं इसकी एक बानगी देखिये। उदयपुर में इस महीने की 15 तारीख को स्टेट मोटर गैराज कार्यालय से एक पत्र सीएमएचओ के दफ्तर को भेजा गया। लेकिन 16 दिन बाद भी यह पत्र सीएमएचओ को मिला ही नहीं। जमा नहीं करवाया तो विभाग की गाड़ियों का चक्का जाम हो जाएगा। तेल नहीं दिया जाएगा और आगे के लिए भी तेल चाहिए तो पहले रोकड़ा जमा होगा, उसके बाद तेल या ईंधन दिया जाएगा।यह कोई छोटा-मोटा लेटर नहीं, बल्कि पेट्रोल डीजल के सीएमएचओ के विभाग में बकाया 99 लाख की तुरंत वसूली का लेटर है। दोनों दफ्तरों में इतना कम फासला है कि यदि सुस्त से सुस्त कर्मचारी को भी इस काम में लगा दिया जाए तो वह भी एक घंटे में पूरा करके लौट सकता है। लेकिन यहां लगभग 1 करोड़ की वसूली की चिट्टी 16 दिन बाद भी ना जाने कौनसी गति से चल रही है कि अब तक सीएमएचओ विभाग में नहीं पहुंची है। मोटर गैराज वाले कह रहे हैं कि हमने तो चिट्टी भेज दी, सीएमएचओ कह रही हैं कि हमें तो चिट्ठी मिली ही नहीं। आखिर क्या है ये उलझन। किसी एक विभाग का पेट्रोल-डीजल का क्या लगभग 1 करोड़ रूपया बकाया भी हो सकता है क्या? इतना पेट्रोल-डीजल कब, किसने खर्च किया। आदि जानने के लिए हमने अफसरों से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में जो चिट्टी जारी हुई है उसके आधार पर ही कुछ निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं।यह जारी हुआ पत्रराजस्थान सरकार के कार्यालय मण्डलीय अधीक्षक, स्टेट मोटर गैरेज की ओर से क्रमांक स्टे. मो.गै./ रनिंग शाखा / बकाया वसूली/2021-22/34 नामक चिट्टी को 15 जनवरी, 2025 को जारी किया गया। इसमें सीएमएचओ को संबोधित करते हुए लिखा गया कि आपके विभाग की वाहनों में सप्लाई किये गए पेट्रोल / डीजल के बिलों की आदिनांक तक बकाया राशि 99 लाख 15 हजार 364 का भुगतान करवाया जाए। मण्डलीय अधीक्षक ने लिखा कि सीएमएचओ के विभाग के वाहनों की मरम्मत के बकाया बिलों का भुगतान विगत काफी समय से बकाया चल रहा है। यदि आपके द्वारा इन बिलों का भुगतान पूर्व में कर दिया गया हो तो कृपया चालान / डी०डी० की सत्य प्रति भिजवाने का श्रम करावें, जिससे बकाया का समायोजन किया जा सके एवं यदि भुगतान अभी तक नहीं किया गया हो तो कृपया शीघ्रतिशीघ्र भुगतान कराएं।नहीं तो बंद कर देंगे सेवाएं, बे-कार हो जाएंगे वाहनराज्य सरकार के परिपत्र क्रमांक प.2/ रनिंग/स्टे.मो.गै. /2009-10 जयपुर दिनांक 30.09. 2014 के द्वारा एवं विभागाध्यक्ष से प्राप्त निर्देशों के क्रम में पेट्रोल/डीजल के बिलो की बकाया राशि 9915364/-के भुगतान के अभाव में यह विभाग आपके विभाग के वाहनों में पैट्रोल / डीजल की सप्लाई करनें में असमर्थ रहेगा। उक्त निर्देशों के क्रम में पैट्रोल/डीजल की आपूर्ति अग्रिम राशि अदायगी पर ही की जा सकेगी। अतः कृपया आपके विभाग के वाहनों में सप्लाई किये गये पैट्रोल/डीजल के बिलों का भुगतान 15 दिवस में करवाने की व्यवस्था करावें एवं भविष्य में पैट्रोल / डीजल की आपूर्ति प्राप्त किये जाने के लिए इस विभाग से यथाशीघ्र प्रोफार्मा प्राप्त कर अग्रिम राशि का समायोजन/भुगतान करनें की व्यवस्था करवाएं भुगतान प्राप्त नहीं होने की स्थिति में आपके विभाग को आगे सेवाएं देने में समर्थता रहेगी।इतना उधार कैसे कर लिया? यहां तो 100 रूपए का बिल जमा नहीं होने पर कट जाता है कनेक्शनयह अजीब बात है कि एक सरकारी विभाग दूसरे का पैसा नहीं दे रहा हैं। इस मामले में पत्र में यह नहीं बताया गया कि बकाया की अवधि कितने की है? लेकिन केवल सीएमएचओ के मातहत आने वाले विभागों में पेट्रोल डीजल का 1 करोड़ का कर्जा आखिर कैसे चढ़ गया यह बहुत बड़ा सवाल है। यह पैसा नहीं दिया तो आगे से ईंधन नहीं दिया जाएगा, यह चेतावनी भी है। चिट्टी का जवाब 15 दिन में देना है, लेकिन 15 दिन बाद भी चिट्ठी सीएमएचओ को मिली ही नहीं है, यह भी अजीब बात है। एक और खास बात ये है कि यदि जनता 100 रूपए का बिजली का बिल समय पर जमा नहीं करवाती है तो पूरा प्रशासनिक लवाजमा उसके साथ अपराधी जैसा बर्ताव करते हुए कनेक्शन काटने आ जाता है। सार्वजनिक बदनामी करता है। यहां पर तो 1 करोड़ का ईंधन का पैसा नहीं देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सांसद रावत ने दिशा के तहत बंद योजनाओं को हटाने व नई योजनाओं को जोडने केंद्रीय मंत्री चौहान को लिखा पत्र सोने न दे सोना : फिर नया रिकॉड, सोना लेकसिटी में @ 84000