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भीम आर्मी भारत एकता मिशन संगठन के द्वारा देवली उनियारा घटना को लेकर भीलवाडा ज़िला कलेक्टर को सौंपा

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24 न्यूज़ अपडेट भीलवाड़ा. राजस्थान उपचुनाव विधानसभा क्षेत्र देवली उनियारा के गांव समरावता में हुई घटना के संबंध में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के मार्फत जानकारी प्राप्त हुई कि दिनांक 13-11-2024 को गांव समरावता में मतदान के दौरान सम्पूर्ण ग्रामवासी गांव समरावता ने मतदान का बहिष्कार यह कहकर कर रखा था कि गांव समरावता को देवली उपखण्ड से जोड दिया गया जो कि करीब 90 किलोमीटर दूर है जबकि उनियारा उपखण्ड यहा से बहुत ही पास में है। अतः गांव समरावता को उनियारा उपखण्ड में जोडा जावें और इस संबंध में जिला कलेक्टर साहब से ठोस आश्वासन मिलने पर ही मतदान किया जायेगा। उक्त मतदान बहिष्कार की जानकारी उक्त विधानसभा से निर्दलीय प्रत्यासी नरेश मीणा को हुई तो वह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त की तो ज्ञात हुआ कि वहां का एरिया जोनल मजिस्ट्रेट श्री अमीत चौधरी उपखण्ड अधिकारी मालपुरा जिला टोंक ने एक आंगनबाडी कर्मकार एवं उसके पति व एक अन्य अध्यापक को नौकरी से निलम्बित करने की धमकी देकर जबरन आंगनबाडी कर्मकार का हाथ पकडकर मतदान करवा दिया, जिस पर निर्दलीय प्रत्यासी श्री नरेश मीणा ने उसका विरोध किया और पोलिंग बूथ में अन्दर जाकर देखा तो वास्तव में वहां का एरिया जोनल मजिस्ट्रेट अमीत चौधरी उपखण्ड अधिकारी मालपुरा जिला टोंक ने जबरन नौकरी का डर बताकर उक्त तीनों से मतदान कराया, जिस पर नरेश मीणा आवेश में आ गये और उनको एरिया मजिस्ट्रेट की जानकारी नही होने से बिच में आये एरिया जोनल मजिस्ट्रेट अमीत चौधरी उपखण्ड अधिकारी मालपुरा जिला टोंक को थप्पड मार दिया लेकिन नरेश मीणा को उक्त एरिया जोनल मजिस्ट्रेट की जानकारी नहीं होने से यह थप्पड मारने की घटना हुई। उपरांत भी सभी ग्रामवासी मतदान का बहिष्कार कर रहे थे पिंकी नरेश”मीणा ने समझाया और मतदान करवाया लेकिन वहा उपस्थित पुलिस अधिकारीयों द्वारा व्यवस्थाओं को नियंत्रण नही किया और दिन भर नरेश मीणा के समर्थकों को उकसाते रहे, जिससे पुनः शाम तक धरने की स्थिति बन गई जबकि यदि पुलिसकर्मी चाहते तो इस मामले को दिन के समय में समझाईस से खत्म कर सकते थे लेकिन उन्होने मामले को शांत करना उचित समझा ही नही और श्री नरेश मीणा के समर्थकों की भीड होने का इंतजार करते रहे।
रात करीब 10:30 बजे समस्त ग्रामवासी एवं नरेश मीणा के समर्थक खाना खाने के लिए पंगत लगाकर खाना खाने लगे कि वहां उपस्थित पुलिसकर्मियों ने श्री नरेश मीणा को हिरासत में ले लिया, जिससे उसके समर्थक भडक गये और पुलिसकर्मियों द्वारा उनके उपर लाठीचार्ज बिना अनुमति के किया गया और आसु गैस के गोले छोडे गये तथा खडे वाहनों एवं पास के घरों में आग लगा दी गई जो वहां के स्थानीय कैमरों में रिकॉर्ड है, जिससे भगदड मच गई और कई आमजनों के चोटे आई जिसमें कई ग्रामवासीयों ने गांव के एक किनारे स्थित तालाब में कुदकर अपनी जान बचाई जो कि पुलिस की बहुत ही बडी हैवानियत साफ तौर जाहिर है, जिससे यह गांव जलियावाला बाघ हत्याकाण्ड की यादे पुनः ताजा कर गया, जिसके सम्पूर्ण जिम्मेदार वहा उपस्थित पुलिसकर्मी एवं एरिया जोनल मजिस्ट्रेट है।दिनांक 14-11-2024 को जब स्वय नरेश मीणा अपनी गिरफ्तारी देने को तैयार थे । लेकिन पुलिसकर्मियों द्वारा सम्पूर्ण ग्रामवासीयों को पुलिस का डर दिखाकर गांव को छावनी में तब्दिल कर नरेश मीणा एवं उसके समर्थकों को गिरफ्तार किया गया जो कि पुलिस कार्यवाही पर एक सवालीया निशान है।अतःहम इस ज्ञापन के मार्फत निम्न मांगे करते है :1.यह है कि ग्रामवासीयों कि जिनको गलत तोर व नाजायज ही हिरासत में लिया गया है उन्हें रिहा करावे एवं उनके उपर दर्ज सभी मुकदमें वापस लिये जावे।
2.अमीत चौधरी उपखण्ड अधिकारी मालपुरा जिला टोंक व एरिया जोनल मजिस्ट्रेट द्वारा तीन मतदाताओं को नौकरी का डर दिखाकर जबरन मतदान क्यों करवाया गया, जबकि भारतीय संविधान अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को मताधिकार का पूर्ण अधिकार है, इसकी सी बी आई जाँच करवाई जावे ।

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