उदयपुर। राज्य सरकार के निर्देश पर नगर निगम की ओर से गठित टीम ने मंगलवार को शहर में विभिन्न स्थलों पर संचालित शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान बेसमेंट में संचालित शैक्षिक गतिविधियों को बंद कराते हुए संबंधित बेसमेंट एरिया को सीज किया गया। इस कार्रवाई से बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि ये कोचिंग सेंटर आज से नहीं बरसों से संचालित हो रहे हैं। क्या अब तक निगम के किसी अधिकारी की इस पर नजर नहीं पड़ी, यदि नहीं पड़ी तो क्यों नहीं पड़ी, और अगर पता था तो जान बूझकर इग्नोर क्यों किया गया? क्या शैक्षणिक संस्थानों के साथ ही निगम के उन अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी जो कार्रवाई नहीं करने के लिए जिम्मेदार हैं। ये मामला भी अतिक्रमण जैसा ही है जिसमें पहले तो निगम के अफसर व कर्मचारी देखते रहते हैं कि अतिक्रमण या अवैध निर्माण हो जाए, उसके बाद जब ऊपरी दबाव आता है तो अचानक हटाने पहुंचा जाते हैं।
बहरहाल, इस मामले में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग जयपुर ने कोचिंग में अध्ययनरत व रहवासी छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संकटमय, अनियमित, सुरक्षा मापदंडों के विपरीत संचालित कोचिंग, लाइब्रेरी, कोचिंग-आवासों के विरूद्ध कार्यवाही के आदेश दिए थे। इसी संबंध में राज्य सरकार के निर्देश पर नगरीय विकास विभाग, जयपुर ने शहरों में आमजन के उपयोग के भवनों में अग्निशमन के पर्याप्त प्रबंध नहीं होने, व आवासीय क्षेत्रों में जन सुरक्षा हेतु भवनों व भवनों के बेसमेंट में अग्नि सुरक्षा प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। आदेश आने के बाद नींद उड़ी व नगर निगम, उदयपुर के आयुक्त द्वारा उपरोक्त कार्यों के लिए गठित दल ने निरीक्षण किया। दल में मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी, उपनगर नियोजक सिराजुद्दीन, पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी, राजस्व निरीक्षक विजय जैन, अग्निशमन अधिकारी शिवराम मीणा, सहायक अग्निशमन अधिकारी नवदीप सिंह बग्गा, सहायक नगर नियोजक सुचिता कोठारी, सहायक नगर नियोजक विजय सिंह डामोर व श्रद्धा जैन ने पटेल सर्कल स्थित वीटी इंटरनेशनल स्कूल का निरीक्षण किया। यहां बेसमेंट में संचालित छात्रों की गतिविधियों के कारण बेसमेंट को सीज किया गया। गुरु रामदास कॉलोनी स्थित ओम साई संचालक इंद्रजीत सिंह के द्वारा मकान के बेसमेट में छात्रों के अध्ययन के लिये बनाई गई लाइब्रेरी को भी सीज किया गया। बताया जा रहा है कि दल की ओर से नियमित निरीक्षण जारी रहेगा तथा शहर में अन्य भवनों के बेसमेंट में भी संचालित छात्रों के अध्ययन कोचिंग सेन्टर व लाइब्रेरी की जांच कर सीज करने की कार्यवाही की जाएगी।
बेसमेंट में बरसों से चल रही है लायब्रेरी, ऊपर से दबाव आते ही बंद करवाने निकल पड़ी निगम की टीम, बड़ा सवाल-अब तक कहां सो रहे थे??? किसके दबाव में कार्रवाई नहीं की???

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