पेटेंट के लिए जागरूक बने, 2047 तक विकसित भारत के लिए गुणवत्ता पूर्वक शोध और प्रयोगात्मक ज्ञान ही महत्वपूर्ण कारक: प्रोफेसर सारंगदेवोत बी एन फार्मेसी में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स पर एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन 24 News Update Udaipur . भूपाल नोबल्स विश्वविधालय, फैकल्टी ऑफ फार्मेसी के डीन डॉ. युवराज सिंह सारंगदेवोत ने बताया कि भूपाल नोबल्स इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज में डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा डॉ. मीनाक्षी भरकतिया को मिली ग्रांट के तहत एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार विषयक “इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स: प्रोटेक्शन, चैलेंजेस एंड फ्यूचर प्रोस्पेक्ट्स” का आयोजन किया गया। सेमिनार के मुख्य अतिथि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के प्रेसिडेंट डॉ. मोंटु एम. पटेल थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, जयपुर के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. राजेश यादव और डीएसटी, उदयपुर के प्रोजेक्ट ऑफिसर श्री मनीष जैन उपस्थित थे। इसमें विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट डॉ. चेतन सिंह चौहान ने सबका स्वागत किया और दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन कर्नल प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत ने बौद्धिक संपदा, वैश्विक पेटेंट पर उन्नति में पेटेंट की महत्ता, क्लिनिकल रिसर्च, जियोग्राफिकल इंडिकेशंस आदि पर अपने विचार व्यक्त किए। उनका कहना था कि ज्ञान ही शक्ति है, ज्ञान ही संपदा है। हमारे श्रुति और व्याकरण, योग सभी पहले ज्ञान का प्रचार-प्रसार करते थे लेकिन आज की स्थिति में पेटेंट के प्रति हमें जागरूक बनना है और शोध संस्थाएं और विश्वविद्यालयों में पेटेंट अनिवार्य करना होगा। ज्ञान के माध्यम से ही भारत 2047 में विकसित बन पाएगा और हमें प्रैक्टिकल बातों पर ज्यादा चर्चा करनी होगी। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के डॉ. राजेश यादव ने कहा कि जन्मभूमि, शिक्षा भूमि और कर्मभूमि के महत्व को हमें समझना होगा और मोबाइल के दुष्प्रभाव का चैप्टर जोड़ना होगा। आलोक भार्गव, मेंबर, स्टेट काउन्सिल ने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के बारे में जानकारी दी और वैक्सीनेटर की पोस्ट और एग्जिट एग्जाम और फार्म डी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. मोंटु कुमार एम. पटेल ने इंप्रोवाइजेशन, इंप्लीमेंटेशन ऑफ फार्मेसी रेगुलेशंस के एग्जीक्यूशन के बारे में बात की। छात्रों और शिक्षकों की यूनिक आईडी नंबर देने की बात की, आधार कार्ड से उसके लिंक को जोड़ने से क्वालिटी में बदलाव आने की बात कही। आने वाले सत्र से फार्मेसी अध्यापकों को भी एक महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी, फार्मेसी काउंसिल में स्किल सेंटर स्थापित किया जाएगा, स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के साथ फार्मेसी पाठ्यक्रम को संलग्न किया जाएगा। फार्मेसी के पाठ्यक्रम को लचीला बनाया जाएगा जिससे कि समकालीन चीजों को पढ़ाया जा सके। फार्मेसिस्ट के लिमिटेड प्रिस्क्रिप्शन राइट की भी उन्होंने बात की और उन्होंने कहा कि भारत को हेल्थ के क्षेत्र में समृद्ध बनने के लिए क्लिनिकल फार्मेसी और प्रिस्क्रिप्शन राइट्स, क्वालिटी प्रिस्क्रिप्शन और पेशेंट काउंसलिंग को आगे बढ़ाना होगा, फार्मेसिस्ट को ट्रेडर ही नहीं बल्कि एक काउंसलर भी बनना है। पेशेंट संबंधित नॉलेज देना होगा। हेल्थ ओरिएंटेशन की बात करनी होगी, स्किल डेवलपमेंट सबसे इंपोर्टेंट पहलू है। फॉरेन स्टूडेंट का कोटा भी हर कॉलेज को अपने यहां बढ़ाना होगा और रैंकिंग और रेटिंग के आधार पर कॉलेज का प्रमाणीकरण किया जाएगा और भविष्य में फार्मेसिस्ट भी अपनी स्किल के आधार पर फीस चार्ज कर सकेंगे ऐसी व्यवस्था की जाएगी।इसके बाद संस्थान के सचिव डॉ. एम. एस. आगरिया ने कहा कि फार्मेसिस्ट को वक्त के साथ आगे बढ़ते हुए इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट्स, ट्रेड सीक्रेट्स, जियोग्राफिकल इंडिकेशंस की चीजों को समझना होगा। इसके बाद सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर साइंटिफिक सेशंस में डॉ. संजय कुमार पटेल (आईपी अटॉर्नी, एक्सेलोन अहमदाबाद), डॉ. भरत पागी (प्रिंसिपल आईपीआर कंसल्टेंट एंड फाउंडर, यूडीपेक कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद) और डॉ. विश्वमोहन मोदी (सीनियर मैनेजर, फॉर्मूलेशन एंड डेवलपमेंट, ज़ाइडस लाइफ साइंसेज) ने अपने व्याख्यानों से सभी उपस्थित छात्रों और अध्यापकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के बारे में विस्तृत जानकारियां प्रदान की।इस अवसर पर पोस्टर प्रेजेंटेशन का भी आयोजन किया गया और इसमें विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पोस्टर मूल्यांकनकर्ता डॉ राहुल गर्ग, डॉ खेमचंद गुप्ता, डॉ मोनिका माहेश्वरी, और ई पोस्टर में डॉ गरिमा जोशी व डॉ सीमा वाधवानी थे। ई-पोस्टर प्रेजेंटेशन में पीजी वर्ग में प्रथम स्थान पूजा सांखला (बीएन), द्वितीय डॉ. किंजल मकवाना (मावली), तृतीय रिदम सिसोदिया (बीएन) ने प्राप्त किया। यूजी वर्ग में प्रथम ऋषभ नागोरी (यूएस ओस्तवाल), कुहूक मिश्रा (बीएन) व दीपीक्षा पांचाल (सनराइज) द्वितीय, भूमिका मिश्रा (एमएलएसयू) और तृतीय कुशाग्र यादव (सनराइज) रहे। पोस्टर प्रेजेंटेशन पीजी में प्रथम स्थान रिया लोढ़ा (बीएन), द्वितीय गौरव कुमार (कोटा) और तृतीय सुनील कुमावत (माधव) तथा वर्षा मेनारिया (बीएन केमिस्ट्री) रहे।बीएन संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहब्बत सिंह राठौड़, शक्ति सिंह कारोही (फाइनेंस सेक्रेटरी), महेंद्र सिंह चुंडावत, नवल सिंह चुंडावत, कमलेश्वर सिंह, राजेंद्र सिंह (वि. प्र. स.), डॉ. जयबालन (अलवर), डॉ. पी. के. चौधरी (पैसिफिक), डॉ. पी. एस. रावलोत (डीन, पीजी, बीएनयू), डॉ. एम. एस. राठौड़, डॉ. हिमांशु, डॉ. उदयभान सिंह, डॉ. अल्का अग्रवाल, डॉ शैलेन्द्र भट्ट, डॉ एस एस सिसोदिया, डॉ पी एस नरुका, डॉ रविंद्र कांबले, डॉ जे एस वाघेला एवं विभिन्न फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य, फैकल्टी और गणमान्य भी उपस्थित थे।सेमिनार के दौरान विभिन्न सत्रों को डॉ जूही प्रधान, डॉ कमल सिंह राठौड़, डॉ राघवेंद्र भदौरिया, डॉ गुंजन जादौन, डॉ जयेश द्विवेदी और उदिची कटारिया ने चेयर किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियदर्शिनी कांबले ने किया। महाविद्यालय के डॉ. कोमल शर्मा, डॉ. अंजू गोयल, डॉ. आर. पी. एस. राठौड़, डॉ. अमूल मिश्रा, डॉ. दीपक मारोठिया, डॉ. अनिरुद्ध सिंह, डॉ. अमित भार्गव, डॉ. नीलू झाला, डॉ. रजत वैष्णव, डॉ. गजेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. एन. एस. सोलंकी, प्रदीप सिंह चुंडावत, मूमल देवड़ा, एस. एस. दुलावत, सीमा मिश्रा आदि ने सहयोग किया।अंत में कार्यक्रम संयोजिका डॉ. मीनाक्षी भरकतिया ने अतिथियों एवं सहभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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