24 न्यूज अपडेट, बांसवाडा। पेपरलीक प्रकरण में गिरफ्तार किए गए वनरक्षकों की नौकरी का दी एंड हो गया है। पुलिस ने प्रकरण में 15 लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी। जिनमें 6 वन रक्षक के पद पर कार्यरत है। हालांकि जांच के बाद गुरुवार को पद विमुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए। वनरक्षक भर्ती-2020 पेपर लीक प्रकरण में शामिल वनकर्मियों पर वन विभाग ने एक्शन लिया है। आदेश की प्रति संबंधित रेंजरों को भेजकर वनरक्षकों तक पहुंचाई जा रही है। डीसीएफ जिग्नेश शर्मा ने मीडिया को बताया कि पिछले दिनों वनरक्षक भर्ती- 2020 परीक्षा में पेपर लीक का खुलासा हुआ था। इसके बाद एसओजी ने कार्रवाई करते हुए वनरक्षक सविता, प्रवीण, शीला, शिल्पा, वीर सिंह व सुखराम को गिरफ्तार किया था। जिनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि वन विभाग ने वन रक्षकों से उनका पक्ष जानने के लिए नोटिस भी भेजे थे। आरोपी वनरक्षकों ने विभाग को जवाब भेज दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने जवाब में लिखा कि उन्होंने अपनी योग्यता और मेहनत के बल पर यह परीक्षा पास की है। इसमें किसी प्रकार का जुर्म प्रमाणित नहीं हुआ है। केवल शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और एसओजी के समक्ष अपना गुनाह कबूल कर चुके सभी वनरक्षक अब अपनी नौकरी बचाने के प्रयास में जुटे हैं। आपको बता दें कि एसपी हर्षवर्धन अगरवाला के अनुसार-एडिशनल एसपी लीव रिजर्व पुलिस लाइन धनफूल मीणा ने सज्जनगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान 28 जून को प्रवीण मालवीया (35) को गिरफ्तार किया था। प्रवीण ने 8-8 लाख रुपए में पति-पत्नी समेत तीन लोगों को पेपर दिया था। प्रवीण वर्तमान में बांसवाड़ा शहर के शास्त्री नगर में रहता है। परीक्षा 13 नवंबर 2022 को दो पारियों में हुई थी। प्रवीण के अनुसार उसे ग्राम विकास अधिकारी सकन खडिया ने बताया था कि परिचित गुडामलानी बाड़मेर निवासी हरीश उर्फ हीराराम सारण और डूंगरपुर के चिखली निवासी अभिमन्यु सिंह चौहान पेपर लेकर आएंगे। इसके बाद प्रवीण ने 8 लाख देकर पेपर लेने वालों को बांसवाड़ा अपने घर बुला लिया था। इसके बाद अहिंसापुरी कॉलोनी में एक मकान में दलालों ने पहली पारी का पेपर सॉल्व कराया। वहीं 13 नवंबर को सुबह 9 बजे सकन खडिया का दोबारा कॉल आया। उसने बताया कि दूसरी पारी के पेपर देने वाले अभ्यर्थी और हम सब आपके घर आएंगे। इसके बाद घर पर सकन खडिया अभ्यर्थियों को लेकर पहुंचा। जहां दलाल और कैंडिडेट ऊपर के कमरे में चले गए। वहीं कमरे में हीराराम ने अपने मोबाइल से पेपर देख-देखकर कैंडिडेट्स को हल करवाया। पुलिस ने पेपर लीक मामले में वनरक्षक सविता, प्रवीण, शीला, शिल्पा, वीर सिंह और सुखराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद गिरफ्तारी की गई थी। इसके बाद में मामला एसओजी को भेज दिया गया। एसओजी ने लंबी पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया। सभी वनरक्षक को 9 जुलाई से न्यायिक अभिरक्षा में हैं। इसके बाद वन विभाग हरकत में आया और सभी को नोटिस जारी कर पूछा कि आपके कृत्य को देखते हुए क्यों नहीं आपको सेवा से विमुक्त किया जाए ? ऐसे में 3 दिन में जवाब मांगा गया था। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पटरी पर सरिये डालने कर असारवा-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन को रोकना व उसके बाद सवारियों को लूटने का था इरादा, 5 बदमाश गिरफ्तार, एक बाल अपचारी डिटेन कार पर पथराव करने वाले 2 बदमाश गिरफ्तार, लूटपाट की नियत से किया था हमला