नौकरानी करिश्मा उर्फ लक्ष्मी नेपाल की छंटी हुई बदमाश है तथा जूडो कराटे में ब्लैक बैल्ट है

24 न्यूज अपडेट उदयपुर। सुखेर पुलिस ने आज बड़ा धमाका कर दिया है। नेपाली गैंग की ओर से नौकरानी के माध्यम से की गई डकैती की घटना का खुलासा, करते हुए अंतर्राष्ट्रीय गैंग का पर्दाफाश किया है। मुख्य साजिशकर्ता मास्टरमाईण्ड सहित तीन अभियुक्त गिरफ्तार किए हैं। मुख्य अपराधी वीरबहादुर उर्फ बलबहादुर मेरठ में 7 करोड की लूट का मुख्य आरोपी है। अभी 5 लाख रूपये का ईनामी बदमाश है। घटना में प्रयुक्त वाहन एर्टिगा कार जब्त, पीडितों को बेहोश करने के लिये दी जाने वाली दवाई जब्त, अभियुक्ता नौकरानी सहित 6 व्यक्तियों की नेपाल में तलाश जारी है। बातया गया कि दिनांक 9. जुलाई को श्रीमती शिल्पा गांधी निवासी मॉडर्न कॉम्पलेक्स, भुवाणा पुलिस थाना सुखेर, उदयपुर ने रिपोर्ट पेश की कि उनके पति संजीव गांधी बेटी नियोनिका व बेटे शोर्य सहित उपरोक्त दिये गये पते पर निवास करती हूं। पति व्यापार करते हैं तथा बेटा, बेटी पढाई करते है। मकान पर जाकिर खान निवासी निम्बाहेडा बतौर गार्ड पिछले सात वर्ष से नौकरी करता है जो 2 जुलाई को छुटटी पर थ। घर पर साफ सफाई एवं खाना बनाने केलिए नौकरानी की आवश्यकता होने पर मौहल्ले में निवासरत डा. स्वाति से सम्पर्क किया। डॉ. स्वाति ने मुझे संजोक जो कि एस. के. एजेन्सी दार्जिलिंग में संचालित करता है के मोबाईल नम्बर 7431891870 उपलब्ध करवाया। मैने संजोक नामक व्यक्ति से सम्पर्क किया। संजोक ने मुझे संजय नामक व्यक्ति के मोबाईल नम्बर 8368304397 उपलब्ध करवाये। उक्त दोनों से वार्ता की जाकर संजोक ने 13 जून को करिश्मा निवासी नेपाल को मेरे घर पर कार्य करने हेतु भेजा। करिश्मा नामक महिला जिसकी उम्र करीबन 22-24 वर्ष थी, उसे एक व्यक्ति मेरे घर पर छोडने आया। उक्त महिला 13 जून से नौकरानी के रुप में कार्य करने लगी। महिला करिश्मा का नेपाली आईडी कार्ड की फोटो कॉपी भी ले ली थी। करिश्मा कोघर पर ही बने सर्वेंट क्वार्टर में रहने के लिए व्यवस्था कर दी थी। जो उसी दिनांक से वही पर रह रही थी। 8 जुलाई को उन्होंने व करिशमा ने रात्रि का खाना मिलकर बनाया था तथा पति व बेटे-बेटी ने करीबन 9. 30 पीएम पर खाना खाया। खाना खाने के करीबन एक घण्टे के बाद उन्हें व परिवार के अन्य सदस्यों को बेहोशी छाने लगी व सभी बेहोश हो गए। उन्हें े अर्धमुर्छा में घर पर होने वाली गतिविधि महसूस हो रही थी। कुछ समय बाद करिशमा ने घर का दरवाजा खोलकर 4 व्यक्तियो को अंदर प्रवेश करवाया। उक्त करिशमा व उसके साथियो ने घर में तलाशी लेना शुरु कर दिया जो कि उन्हें महसुस हो रहा था। उसके साथियो ने मेरी बेटी नियोनिका को रस्सी से बांध दिया व बदमाशों ने बेटी के साथ छेडछाड की क्योंकि बेटी बेहोश थी इसलिए विरोध नहीं कर सकी में अर्धबेहोशी के स्थिति में होने के कारण विरोध अथवा चिल्ला नहीं सकी। कुछ समय पश्चात वह भी पूर्ण रूप से बेहोश हो गई। बदमाशो ने क्या किया जानकारी नहीं है। सुबह हॉस्पीटल जिसने पहुंचाया मुझे व मेरे परिवार वालो को कोई होश नहीं था। करिशमा व 4 साथियों ने उन्हें व परिवार को खाने में बेहोशी की जहरीली वस्तु मिलाकर हमे बेहोश कर हत्या करने की नियत सेघर में डकेती की। घर से उक्त लोग क्या-क्या सामान लेकर गये इसकी जानकारी में घर पर देखकर ही बता सकती हूँ। उक्त बदमाशों ने हमें मारने की नियत से खाने में जहर मिलाया व घर में लूट की घटना की तथा बेटी के साथ ज्यादती की। प्रकरण की गम्भीरतो को देखते हुएयोगेश गोयल, जिला पुलिस अधीक्षक, उदयपुर ने मामले के त्वरित अनुसंधान व घटना में लिप्त अज्ञात बदमाशों का पता लगाने के निर्देश प्रदान किये। निर्देशों की पालना में उमेश ओझा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उदयपुर, श्री कैलाशचन्द्र खटीक वृताधिकारी वृत नगर पश्चिम जिला उदयपुर के सुपरविजन मे हिमाशुसिंह राजावत पु.नि. थानाधिकारी थाना सुखेर के निर्देशन में थाने की टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंच कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया। पुलिस को पीडित परिवार के मकान पर नेपाली नौकरानी द्वारा अपने साथियों के बुलाकर घटना करने के कारण आस पास के नेपाल के लोग जो चौकीदारी तथा घरेलू काम करते है, उनसे अनुसंधान कर पता लगाने का प्रयास किया गया। जिस प्लेसमेन्ट एजेन्सी द्वारा उक्त महिला को नौकरी पर लगाया था उसी के द्वारा नौकरी पर लगाये गये अन्य नेपाली व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पुलिस द्वारा तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए करिश्मा के पास मौजूद मोबाईल के बारे में जानकारी ली तो ज्ञात आया कि उक्त मोबाईल नम्बर मुम्बई का है। जिस पर एक टीम धनपत सिंह उप निरीक्षक के नेतृत्व में मुम्बई रवाना की गई। पुलिस द्वारा थानाधिकारी के नेतृत्व में टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज चैक किये गये। घटनास्थल से उदयपुर से बाहर जाने वाले सभी रास्तों में जिस पर घटनास्थल से गोमती चौराहा, घटनास्थल से पिण्डवाडा तथा घटनास्थल से मंगलवाड तक विभिन्न होटलों / टोल नाकों के 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरा चैक किये गये। सीसीटीवी कैमरे चैक करके पुलिस टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त वाहन को चिन्हित किया गया। अभियुक्तगणों द्वारा घटनास्थल से पैदल निकलने तथा आगे सेलिब्रेशन मॉल के सामने से एक कार में बैठना पाया गया। उक्त कार एर्टिगा की जानकारी प्राप्त होने पर ज्ञात आया कि उक्त वाहन प्रयासगराज उत्तरप्रदेश निवासी पंकज मिश्रा के नाम पर है। इसी दौरान मुम्बई गई टीम द्वारा जांच की गई तो सामने आया कि उक्त संदिग्ध मोबाईल जो करिश्मा द्वारा उपयोग में लाया गया वह मुम्बई से चोरी हुआ है। तत्पश्चात उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार धनपत सिंह उप निरीक्षक के नेतृत्व में टीम को प्रयागराज भेजा गया। अभियुक्त करिश्मा के सम्पर्क दिल्ली में होना सामने आने पर एक टीम कर्मवीर सिंह उप निरीक्षक के नेतृत्व में दिल्ली भेजी गई। श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री योगेश गोयल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश ओझा तथा पुलिस उप अधीक्षक कैलाश चन्द्र खटीक द्वारा टीमों की मोनिटरिंग कर दिशा निर्देश दिये गये। तकनीकी संसाधनों तथा आसूचना संकलन से सामने आया कि घटना का मुख्य षडयन्त्रकर्ता वर्तमान में गुरूग्राम में है तथा अन्य घटना करने की फिराक में है। इस सूचना पर हिमांशु सिंह थानाधिकारी के नेतृत्व में एक अन्य टीम गुरुग्राम पहुंची। टीम द्वारा अभियुक्त की तलाश हेतु छापामारी / दबिश दी गई परन्तु अभियुक्त बेहद शतिर व बदमाश होने से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। फिर टीम द्वारा गुरुग्राम सेक्टर 31 पर ईफको चौक पर घेराबन्दी कर मुख्य साजिशकर्ता अभियुक्त वीर बहादुर उर्फ बल बहादुर धामी पिता नर बहादुर धामी उम्र 38 साल निवासी केसीग-4, थाना होयल, जिला डोटी नेपाल को पकड़ा तथा उसके बाद उसकी निशानदेही से अन्य अभियुक्त हिरासिंह पिता लाल बहादूर कामी उम्र 34 साल निवासी कोसिंग-3, थाना होयल जिला डोटी नेपाल को दुर्गा टॉकीज के पास, नोएडा में पकड कर पूछताछ की तो सामने आया कि उक्त दोनों ने ही वारदात करने का प्लान बनाया। नेपाल से जिस महिला को बुलाया उसका असली नाम करिश्मा की बजाय लक्ष्मी होना बताया। अभियुक्त वीर बहादर तथा हीरा सिंह से अनुसंधान पर सामने आया कि उक्त दोनों ने प्लान कर प्लेसमेन्ट एजेन्सी संचालक संजोक नाम के व्यक्ति से मिलकर लक्ष्मी उर्फ करिश्मा को संजय गांधी के यहां पर काम पर लगाया। उसके बाद नेपाल से अपने साथी दिनेश, मिथुन, कांचा उर्फ सुरेन्द्र, सन्नी, शिवा, राहुल को बुलाया और घटना करने के लिये भेजा। उक्त सभी अभियुक्तगण को भेजने के लिये अपने पूर्व परिचित अफजल को कार एर्टिगा लेकर बुलाया तथा उक्त डकैती की वारदात करवा कर सभी 6 अभियुक्तगणों को बनवासा बॉर्डर पर छोड दिया जहां से वे नेपाल चले गये।

नेपाल बॉर्डर के आस पास उक्त बदमाशों के होने की सम्भावना पर एक टीम को धनपत सिंह उप निरीक्षक के नेतृत्व में नेपाल बॉर्डर पर रवाना किया गया। उक्त टीम द्वारा नेपाल जाकर तलाश करने का प्रयास किया परन्तु अभियुक्तगण सभी अपने घरों से गायब है। टीम द्वारा मौके पर वाहन चालक अफजल पिता अयूब खाना पठान उम्र 29 साल निवासी टाईप-2, वरूण कॉम्पलेक्स कोडली, थाना अशोक नगर, ईस्ट दिल्ली का पता लगाकर उसको पकड़ा तथा, पूछताछ की तो सामने आया कि अभियुक्त चीर बादर, हीरा सिंह तथा दिनेश ने लालच देकर मुझे कहा कि तुमको भी लूटे, गये माल में से हिस्सा देंगे जिस पर मैं उनके साथ डकैती करने चला गया था। तीनों अभियुक्तगणों वीर बहादुर, हीरा सिंह तथा अफजल को उदयपुर लेकर आये तथा बंद पूछताछ गिरफ्तार किया गया है। उक्त बदमाशों से पूरे देश में की गई और भी कई वारदातों का खुलासा होने की सम्भावना है। गिरफ्तार शतिर अभियुक्त वीर बहादुर पूर्व में मेरठ (उत्तर प्रदेश) में की गई 7 करोड़ रुपये की डकैती का मुख्य वांछित अपराधी है जिसकी गिरफ्तारी पर 5 लाख रूपये का ईनामी है। उक्त घटना होने के बाद उत्तरप्रदेश पुलिस द्वारा नेपाल पहुंच कर उक्त बदमाश का पता लगाया तथा पूछताछ भी की गई परन्तु नेपाल से मुलजिम लाने की संधि नहीं होने से नियमों के कारण अभियुक्त को नहीं ला पाये। उक्त अभियुक्त को उदयपुर पुलिस की टीम द्वारा गुरूग्राम से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त वीर बहादुर के कब्जे से बेहोशी के लिये दी जाने वाली दवाई भी जब्त की गई है। इसी नेपाली गैंग द्वारा निजामुद्दीन में एक डॉक्टर के घर डकैती करते समय हत्या की थी जिसका प्रकरण अनुसंधानाधीन है। दिल्ली, हरियाणा तथा उत्तरप्रदेश पुलिस को अभियुक्तगणों के आगमी प्लान के बारे में जानकारी दी।
ऐसे की वारदात
उक्त बदमाशों द्वारा घर में घरेलू नौकर की जरूयत वाले घरों में नेपाल से बुलाकर कोई लडकी/व्यक्ति नौकर के रूप में रख देते। कुछ दिनों तक काम करने के बाद अगर घर में नकद /सोना चांदी के जेवरात रखने की जगह देख लेते तथा किसी दिन घरवालों को खाने बेहोशी की दवा मिलाकर दे देते जिस पर घर वाले बेहोश हो जाते तथा अभियुक्त वारदात कर फरार हो जाते तथा नेपाल जाकर छिप जाते। कुछ दिनों बाद वापस भारत आकर अन्य घर को निशाना बनाकर चोरी करते। किसी मकान पर अधिक धनराशि / जेवर होने की सम्भावना नहीं होने पर उस घर को किसी बहाने से छोड़ देते तथा अन्य शिकार की तलाश में निकल जाते। अभियुक्तगण द्वारा मेरठ में 7 करोड़ की डकैती की। उसके अतिरिक्त दिल्ली/ गुरुग्राम / मुम्बईके जुहू क्षेत्र में वारदातें करना स्वीकार किया है। अभियुक्तगणों द्वारा वर्तमान में हरियाणा तथा दिल्ली में अन्य स्थानों पर लोगों के घरों पर चोरी करने के लिये नौकर लगा रखे है जहां मौका मिलते ही चोरी करने वाले थे। उक्त स्थानों के सम्बन्ध में सम्बन्धित राज्य की पुलिस को सूचित कर दिया गया है। अभियुक्त संगठित गिरोह बनाकर तीन स्तर पर अलग- अलग टीमें बनाकर अपराध करते है। पहली टीम प्लेसमेन्ट एजेन्सी बनाकर लडके / लडकी को नौकरी पर रखते है, ट्रेनिंग देते है तथा चोरी किये गये मोबाईल फोन का ईस्तेमाल कर पूरी घटना करवाते है। भेजे गये लड़के / लडकी से हर दो – तीन दिन में घर वालों के बारे में जानकारी प्राप्त करते है तथा उक्त घर की स्थिति, नशा, पार्टी करने आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करते है। उक्त घर पर कितना नकद / जेवरात आदि उपलब्ध है, इस बारे में पता करते है। सही समय देखकर नेपाल से एक टीम बुलाकर ाईवर के साथ मौके पर भेजकर डकैती करवा देते है तथा पहचान छुपाकर नेपाल बॉर्डर क्रॉस करवा देते है। उक्त सभी बदमाश पश्चिम नेपाल के दो तीन जिले में फैले हुए है। उक्त लोग गैंग बनाकर भारत में आते है। उक्त गैंग के विरूद्ध भारत के विभिन्न राज्यों में दर्जनों केस लम्बित है। उक्त बदमाश इतने दुस्साहसी है कि एक अपराध के बाद लगातार दूसरे अपराध की तैयारी कर लेते है तथा ये सभी लोग नेपाल के धनगढी, डोटी, महेन्द्रनगर जिलों में निवास करते है। वांछित नौकरानी करिश्मा उर्फ लक्ष्मी नेपाल की छंटी हुई बदमाश है तथा जूडो कराटे में ब्लैक बैल्ट है, एक पुरूष की तरह ही मजबूती से अपराध करने में सक्षम है।

पुलिस टीम में हिमाशुसिंह राजावत पुलिस निरीक्षक, धनपत सिंह उप निरीक्षक, कर्मवीर सिंह उप निरीक्षक, रेणु खोईवाल उप निरीक्षक, सरदार सिंह सउनि, सुनील बिशनोई हैड कानि. जगदीश मेनारिया हैड कानि. मनमोहन हैड कानि. अचलाराम कानि. भंवरलाल कानि. धनराज कानि. भारतसिंह कानि. उमेश कानि. श्रवण बिशनोई कानि. हिमांशु कानि. प्रतापसिंह कानि. सुमेर कानि, रामकुमार कानि. ओमप्रकाश कानि. साईबर टीम में फैलीराम उप निरीक्षक गजराज सिंह सउनि लोकेश रायकवाल कानि. शामिल है।


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