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नेटफ्लिक्स की वेब सिरीज “महाराज“ को बैन करने की मांग, वैदिक सनातन हिंदू धर्म को भटकाने और पुजारी को खलनायक के रूप में चित्रित करने, भगवान पर अभद्र टिप्पणियां करने का आरोप

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24 न्यूज अपडेट उदयपुर। नेटफ्लिक्स पर आने वाली वेब सिरीज महाराज के खिलाफ उदयपुर में आज वैष्ण्वजनों ने श्री विशानागर वणिक पारख समाज के बैनर तले जंगी प्रदर्शन किया गया। सैंकड़ों महिलाएं व पुरूष जोरदार नारेबाजी करते हुए आए। हाथों में बॉयकॉट महाराज के पोस्टर बैनर लिए हुए नारेबाजी की। समाज की ओर से कहा गया कि यदि फिल्म रिलीज की गई तो कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ेगी। प्रदर्शन में बडी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई। मोहित मेहता ने कहा कि फिल्म 14 तारीख को रिलीज होने वाली थी गुजरात हाईकोर्ट ने बैन कर दिया था मगर उस पर सरकार की ओर से उस पर पूरी तरह से बैन लगाया जाए। सौरभ शाह की पुस्तक पर आधारित इस फिल्म में हिन्दुधर्म के गुरूओ ंको ऐसे पोट्रेट किया गया है कि जैसे सभी गुरू व्याभिचारी हों। नई पीढ़ी इससे भ्रमित होगी।
जयन्ति भाई पारीख, विशा नागर वणिक (पारख) समाज उदयपुर, संभावन्त पारीख सचिव विशा नागर वणिक (पारख) समाज उदयपुर एवं समस्त जातिगत सदस्यगण की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि “नेटफ्लिक्स “ पर सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा द्वारा निर्देशित और यशराज फिल्म्स (वाईआरएफ) एंटरटेनमेंट के तहत आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्मित, जुनैद खान और अन्य सह-कलाकारों द्वारा अभिनीत वे सिरीज महाराज“ रिलीज के लिए तैयार है और इसमें हिंदू धर्मगुरुओं और सनातन हिंदू धर्म को कलंकित करने का प्रयास किया गया है। यह फिल्म 150 साल पहले के एक कोर्ट केस पर आधारित है, जब अंग्रेजों का शासन था। वे हिंदू समाज को तोड़ना चाहते थे और आज 150 साल बाद इस केस के जरिए हिंदू धर्म को अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। यह फिल्म सनातन हिंदू धर्म और भारतीय समाज में वैष्णव संप्रदाय (भगवान विष्णु के अनुयाई) धार्मिक गुरुओं, आचार्यश्री, महाराजश्री और आचार्यश्री की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से बनाई गई है और अगर यह फिल्म रिलीज हुई तो कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसीलिए पारिख समाज के वैष्णव संप्रदाय से जुड़े हुए संगठन के माध्यम से अनुरोध हैं कि, फिल्म में सनातन धर्म (हिंदू धर्म) और उसके समावेशी वैष्णववाद (हिंंदु बनिया), वैष्णववाद के आचार्यश्री, साथ ही सनातन हिंदू धर्म के आचार्यश्री, गुरु, संत महंत का चित्रण किया गया है, और सनातन हिंदू धर्म के समाज, विशेषकर वैष्णववाद और युवाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। यह फिल्म वैदिक सनातन हिंदू धर्म को भटकाने और हिंदू धर्म के पुजारी को खलनायक के रूप में चित्रित करने की मानसिकता से बनाई गई है। साथ ही इस फिल्म में भगवान श्री कृष्ण जी पर अभद्र टिप्पणियाँ की गई हैं। इस फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करते हैं जो वैष्णव संप्रदाय और आचार्यश्री और सनातन हिंदू धर्म को कलंकित करने का प्रयास कर रही है।

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