24 न्यूज अपडेट. जयपुर। भीलवाड़ा से निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी ने भाजपा की सदस्यता ले ली है और इससे विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसकी शिकायत विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी को की है। अशोक कोठारी की विधायकी खत्म करने की मांग की है। जूली ने दल-बदल कानून का हवाला दिया है। अशोक कोठारी ने 4 सितंबर को भाजपा की सदस्यता ली व अपना सदस्यता प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। ऐसे में वे भीलवाड़ा शहर से चुने हुए निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी ने संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत दल-बदल प्रावधानों के दायरे में आ गए हैं। कोठारी ने दल-परिवर्तन के आधार पर निरर्हता नियम, 1985 के तहत विधिक प्रावधानों का उल्लंघन किया है व भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली है। कोठारी ने 4 सितंबर को सदस्यता प्रमाण-पत्र संख्या 5826 सोशल मीडिया पर शेयर किया। खुद ही बीजेपी की मेंबरशिप का प्रमाण शेयर किया है, इसके बाद कोई प्रमाण की आवश्यकता नहीं रह जाती है। संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत दल-परिवर्तन के आधार पर निरर्हता नियम, 1985 के पैरा संख्या-2 में साफ प्रावधान है कि संसद या राज्य विधानमंडल के किसी निर्दलीय सदस्य की मेंबरशिप जाएगी, यदि वह अपने निर्वाचन के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल हो जाता या हो जाती है। निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करके दल-बदल कानून के विधिक प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
इस मामले में कोठारी ने कहा कि मैंने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता ली है। देश की अखंडता और मजबूती के लिए, सनातन की रक्षा के लिए मैंने बीजेपी की सदस्यता ली है। जब सदस्यता लूंगा, तभी तो दूसरों को प्रेरित कर सकूंगा, इसलिए मेंबरशिप ली है। कानूनी और तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी नहीं था। जूली की शिकायत पर अब स्पीकर वासुदेव देवनानी अशोक कोठारी से मेंबरशिप स्टेटस पूछ सकते हैं। कोठारी के सामने विकल्प रहेगा कि वे स्पीकर के सामने बीजेपी विधायक दल जॉइन करने से मना कर सकते हैं। मामले में स्पीकर पर सब कुछ निर्भर है, स्पीकर चाहें तो समय खींच सकते हैं।
निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी ने ज्वाइन की भाजपा, मच गया बवाल, जूली ने स्पीकर को लिखी चि_ी लिखकर, विधायकी खत्म करने की मांग

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