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दिल दुखाने वाली खबर : बेग में सिगरेट मिली तो स्कूल ने निकाल दिया, डिप्रेशन में आए 10वीं के बच्चे ने दे दी जान, पिता मैडल उछाल-उछाल कर फूट-फूट कर रोया

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कोटा। डिप्रेशन खतरनाक और जानलेवा है, इसकी अनदेखी ना करें। बच्चों में छोटी-छोटी बातों को लेकर डिप्रेशन पनप रहा है। सरकार तंबाकू को प्रमोट करती है, करोड़ों का टेक्स कमाती है, वही सरकार अभियान चला युवाओं से इन दिनों तंबाकू से दूर रहने को कह रही है मगर एक बच्चे की बैग में एक सिगरेट मिलने से अवसाद में आकर जान चले जाना चिंता का विषय है। कोटा में स्कूल से निकाला बच्चा तीसरी-मंजिल से कूद गया। 10वीं का स्टूडेंट था, बैग में जांच के दौरान सिगरेट मिल गई थी। बच्चे की मौत पर पिता ने कहा कि वह होनहार था, उसने मीडिया के सामने बच्चे के मैडेल उछाल उछाल कर कहा कि देख लो मरे बेटे ने ढेरों मेडल जीते थे, हमने स्कूल प्रशासन से माफी मांगी, लेकिन स्कूल नहीं माना। स्कूल हत्यारा है। आपको बता दें कि बस्ते में सिगरेट मैनेजमेंट ने उसे स्कूल से निकाल दिया। पिता बोले कि लाख मिन्नतें कीं, लेकिन स्कूल में वापस एंट्री नहीं दी। मेरा बेटा पढ़ाव व खेल मेंअच्छा था। उसका खेलना भी बैन कर दिया। आरकेपुरम थाना इलाके में उसने सुसाइड कर लिया।  पुलिस का कहना है कि तलवंडी स्थित डीएवी स्कूल के 10वीं क्लास के स्टूडेंट भावेश (16) पुत्र रविंद्र वर्मा ने तीन मंजिला मकान की छत से कूद कर आत्महत्या कर ली। परिजन का आरोप है कि स्कूल मैनेजमेंट ने बच्चे को सस्पेंड कर दिया जिसके बाद से वह गहरे डिप्रेशन में चला गया। अगर समय पर काउंसलिंग होती तो वह जानलेवा कदम नहीं उठाता। गुरुवार सुबह परिजन ने न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्चरी के बाहर हंगामा कर दिया। अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। बाद में शव सौंप परिजन की शिकायत पर परिवाद दर्ज किया गया जिसकी जांच होगी। जांच में क्या होगा यह सब जानते हैं। अगर स्कूल समय पर बच्चे को समझा देता तो इतना बड़ा कदम नहीं उठाता। भावेश के दादा राधाकिशन ने मीडिया से कहा कि 12 अगस्त को पोते को स्कूल से निकाल दिया गया था। जानकारी के अनुसार, भावेश के किसी दोस्त ने उसके बैग में सिगरेट रख दी। क्लास टीचर को बैग में स्कूल में प्रतिबंधित सामग्री होने का पता लगा तो प्रिंसिपल के पास ले जाया गया। स्कूल से सस्पेंड कर दिया गया। घरवालों ने स्कूल प्रबंधन के आगे मिन्नतें कीं, तब जाकर उसे एग्जाम में बैठने दिया, लेकिन उसके बाद फिर स्कूल में एंट्री नहीं दी गई। रात करीब 8 बजे भावेश मकान की छत पर गया और नीचे कूद गया।

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