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थप्पड़ कांड वाले एसडीएम पर आशा सहयोगिनी से जबरन वोट डलवाने का आरोप, एसडीएम ने कहा- आरोप लगाना आसान, साबित करें

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24 न्यूज अपडेट. स्टेट डेस्क। जयपुर.देवली-उनियारा विधानसभा के समरावता में थप्पड़ कांड विवाद में एसडीएम अमित चौधरी का बयान आया है। इसमें उनका कहना है किघटना के दिन अपनी ड्यूटी कर रहे थे। इस घटना का पीड़ित नहीं मानते हैं। उनकी जगह अगर कोई और एसडीएम या अधिकारी होता तो उसके साथ भी यह घटना हो सकती थी। नरेश मीणा के फर्जी वोटिंग के आरोपों पर अमित चौधरी मीडिया से बोले कि आपराधिक घटना को अंजाम देने वाला व्यक्ति बचाव में आरोप लगाता ही है। आरोप कोई भी लगा सकता है। अगर आरोपों में सच्चाई है तो उसे साबित करें। आज इस मामले में बवाल के बाद टोंक कलेक्टर डॉ. सौम्या झा जायजा लेने समरावता गांव पहुंचीं।एसपी विकास सांगवान भी उनके साथ थे। इस दौरान आशा सहयोगिनी चित्रा मीणा ने कलेक्टर से कहा कि एसडीएम ने मुझे नौकरी से हटाने की धमकी देकर जबरन मेरा वोट डलवाया। इसका पता लगते ही उनके थप्पड़ पड़ गया। उसके बाद पुलिस ने लाठियों से मारा। आंसू गैस के गोले छोड़े, फायर किए। घरों में घुसकर मारा। इतनी ज्यादती तो कोई नहीं करता। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं बचा, जिसके पुलिस ने डंडे नहीं मारे। इस बीच एसडीएम की ओर से कहा गया कि एरिया मजिस्ट्रेट होने के नाते नरेश मीणा को गिरफ्तार नहीं किया क्योंकि नरेश मीणा खुद एक प्रत्याशी थे। चुनाव में एक सामान्य प्रक्रिया होती है कि जो व्यक्ति चुनाव लड़ रहा है। उसे पूरा समय मिले। वोटिंग के समय को पूरी तरह से यूटिलाइज कर सके। उसको फेयर चांस मिले।

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