उदयपुर। पुलिस कई मामलों में बहुत ही धीमी गतिसे जांच करती है व कई बार कातिल परिवार व रिश्तेदारी में होने पर भी उससे पूछताछ़ करने व उसको शक के घेरे में लाने में बरसों लगा देती है। ऐसा ही इस मामले में भी हुआ है। सौतेला बेटा ही कातिल निकला लेकिन उससे पूछताछ करने में पुलिस को सवा दो साल लग गए।थाना ऋषभदेव में 9 सितंबर 2022 को सुखलाल पिता देवीलाल मीणा निवासी उगमणा, कोटडा द्वारा रिपोर्ट पेश की गई कि वह उदयपुर मण्डी में किराणा की दुकान पर कार्य करता है। गांव उगमणा, कोटडा में मां, पत्नी व छोटा लडका रहता है।पूर्व पत्नी का देहान्त हो गया है। संगीता दूसरी पत्नी है इससे 8 वर्ष पूर्व नाता विवाह किया था। संगीता से तीन बच्चीयां है और सबसे छोटी बच्ची 4 माह की है। 8 सितंबर 2022 को रात अज्ञात व्यक्ति घर पर आये थे और पत्नी को उठा ले गये है। मां ने कुछ लोगो को देखा मगर बुजुर्ग होने से ज्यादा ध्यान नही दिया। मेरी पत्नी का फोन मिला है। रात 1 बजे करीब पत्नी को उठाया गया है। आस-पास के लोगो का कहना है कि रात को कोई गाडी आयी थी। रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया।जिला पुलिस अधीक्षक, उदयपुर, योगेश गोयल द्वारा अनट्रेस प्रकरणों के अनुसंधान हेतु दिये गये निर्देशों के तहत प्रत्येक मिंटीग में उक्त प्रकरण को ट्रेस करने बाबत दिशा-निर्देश दिये। अंजना सुखवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खैरवाडा व श्री राजीव राहर वृत्ताधिकारी, वृत्त ऋषभदेव के सुपरविजन में घनश्याम सिंह, थानाधिकारी, ऋषभदेव के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। प्रकरण करीब सवा दो साल पुाना होने से विशेष प्रयास कर मुखबीरों की मदद ली गई। ज्ञात हुआ कि प्रार्थी सुखलाल मीणा की प्रथम पत्नी का लडक़ा कन्हैयालाल मीणा जो गांव की ही लडक़ी से शादी करने के कारण गांव में नहीं आता है, तथा किसी तांत्रिक के सम्पर्क में है जो उक्त संगीता को उठा सकता है। टीम द्वारा आसूचना के सहयोग से उक्त कन्हैयालाल को डिटेन कर पुछताछ की गयी तो तांत्रिक महिला रोडकी देवी एवं उसके वहां आने वाले जात्री जीवा के सम्पर्क में होना ज्ञात हुआ। कन्हैयालाल, रोडकी देवी एवं जीवा को डिटेन कर पृथक-पृथक एवं पुछताछ की गयी तो अपने साथियों के साथ मिलकर संगीता देवी को घर से गाडी में उठाकर ले जाकर नदी के किनारे जमीन में गाडऩा बताया। जिस पर उक्त तीनों अभियुक्तों को बाद पुछताछ गिरफ्तार किया गया।जिनकी सूचना के आधार पर टीम द्वारा गोमती नदी के किनारे खैरूवा, थाना सेमारी पहुंच नियमानुसार कलेक्टर सलूंबर से जमीन से लाश निकालने का आदेश प्राप्त कर तहसीलदार सेमारी, एफएसएल टीम की उपस्थिति में लाश की तलाश की गई तो ईमरोजा खैरूवा गांव के पास नदी किनारे से लाश (कंकाल) बरामद की गई। लाश का मौके पर ही मेडिकल बोर्ड से पोस्र्टमार्टम करवाया जाकर वास्ते अंतिम सस्कार सुपूर्द की गयी।अनुसंधान से पाया गया कि प्रार्थी सुखलाल द्वारा अपनी पहली पत्नी की मृत्यु के बाद संगीता देवी से नाता विवाह किया था। सुखलाल की पहली पत्नी से तीन लडक़े व दो लड़कियां एवं संगीता देवी से तीन लड़कियां है। सुखलाल के लडक़े कन्हैयालाल ने गांव की ही लडक़ी से शादी की इसलिये गांव में आना जाना नहीं था। कन्हैयालाल का लडक़ा अक्सर बीमार रहता था तथा उसकी एवं उसके भाई अनिल की पत्नी भी अक्सर बीमार रहती थी। इसलिये उसके द्वारा करीब ढाई साल पहले तांत्रिक रोडकी देवी से सम्पर्क किया गया तथा लगातार उसके वहां आता-जाता रहता था। जहां पर जीवा की पत्नी भी बीमार रहने से जीवा भी अपनी पत्नी के साथ आता जाता रहता था तथा विजय से भी वही पर सम्पर्क में आया। जहां रोडकी देवी द्वारा कन्हैयालाल को बताया गया कि तुम्हारी दूसरी मां तंत्र विद्या करती है इसी कारण लडक़ाबीमार रहता है तथा तुम्हारा पूरा घर साफ कर देगी। कन्हैयालाल द्वारा इसका उपाय पुछने पर उसे मारकर गाडऩे की सलाह दी। जिस पर कन्हैयालाल मीणा एवं रोडकी देवी ने अन्य साथियों से राय मश्विरा कर योजना बनाकर पहले ही गोमती नदी के किनारे लाश गाडऩे हेतु गड्डा चिह्नित कर लिया तथा दिनांक 08.09.2022 को विजय की गाडी ले जाकर संगीता को घर से उठाया तथा रास्ते में गला एवं मुंह दबाकर मार दिया तथा चिह्नित किये गये गड्डे में मिट्टी में दबा कर तांत्रिक विद्या से पूजा-पाठ की। घटना से पूर्व सभी ने अपने मोबाईल स्वीच ऑफ कर दिये थे तथा दूसरे दिन कन्हैयालाल व उसका भाई अनिल दोनों योजनाबद्ध तरीके से अपने पिता के साथ रिपोर्ट देने हेतु थाने पर भी आये थे तथा लगातार पिता से सम्पर्क कर विश्वास दिलाने का प्रयास कर रहे थे तथा ज्यादातर उदयपुर एवं गुजरात की तरफ बाहर ही रह रहे थे ताकि पुलिस एवं प्रार्थी सुखलाल उन पर शंका नही करे। मगर पुलिस द्वारा लगातार पीछा करने एवं आसूचनासंकलन के आधार पर वारदात का खुलासा किया गया तथा अपराधी पुलिस की नजर से नही बच पाया।गिरफ्तार अभियुक्तगण:- रोडकी पत्नी मानाराम अहारी निवासी भागल, फला भौराई घाटा, सेमारी जिला सलुम्बर। (तांत्रिक) कन्हैयालाल पिता सुखलाल अहारी निवासी उगमणा, कोटडा, फला माताजी, ऋषभदेव जिला उदयपुर। जीवा पिता भैरा अहारी निवासी घोडासर, फला भणात, सेमारी जिला सलुम्बर। शेष मुल्जिमान का नाम पता:- अनिल पिता सुखलाल मीणा निवासी उगमणा, कोटडा। विजय पिता शांतिलाल निवासी शक्तावतों का गुडा, सेमारी। फुलबा पत्नी कन्हैयालाल मीणा निवासी उगमणा, कोटडा। रेखा पत्नी जीवा मीणा निवासी घोडास । Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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