24 न्यूज अपडेट उदयपुर। तांत्रिक क्रिया में अन्धविश्वास के नाम पर उल्लू के साथ जानलेवा हद तक क्रूरता की जा रही थी। श्रीधरा नाम के उल्लू की बलि का पूरा इंतजाम हो चुका था। लेकिन तभी मौके पर एनिमल प्रोटेक्शन सोसाइटी उदयपुर की टीम पहुंच गई और उसने बचाई श्रीधरा की जान। इस मामले में इंसान ने क्रूरता की सारी हदे पार हो गई। बेजुबान श्रीधरा को चढ़ाने जा रहे थे बलि अन्धविश्वास के नाम पर। एनिमल प्रोटेक्शन सोसाइटी अध्यक्ष डॉ माला मट्ठा के पास गोगुन्दा के आगे काछबा गाँव देवड़ां का गुड़ा से फरियाद आई कि उल्लू को बचा लीजिए। उदयपुर 42 किलोमीटर दूर श्रीधरा नाम के उल्लू की बलि दी जानी थी। केसर सिंह देवड़ा ने फ़ोन पर सूचना दी कि उनके गाँव का एक परिवार श्रीधरा उल्लू को तांत्रिक क्रिया में उपयोग में ले रहा था । पिछले तीन दिन से श्रीधरा को अन्धविश्वास का शिकार बनाया जा रहा था। संस्था ने तुरंत संज्ञान लिया और काछबा गोगुन्दा पहुंचे। श्रीधरा का एक पंख कटा हुआ था जिसमे से रक्त बह रहा था । टीम से डॉ माला मट्ठा और कमलेश तेली ने श्रीधरा को रेस्क्यू किया। उदयपुर में एनिमल ऐड में एडमिट करवाया गया। उसका आगे का इलाज किया जा रहा हैं । तंत्र क्रिया करने वाले परिवार पर कानूनी कार्यवाही की जा रही हैं संस्था ने विनती की है कि ऐसे इंसानियत ख़त्म न करे और वैज्ञानिक सोच का विकास करते हुए अंधविश्वासों से बाहर निकलें। इन मासूमों को जीने का हक़ दें।
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