24 न्यूज अपडेट,.जयपुर। प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस, 23 अगस्त के उपलक्ष में बुधवार को जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में जल संसाधन विभाग, राजस्थान और जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘टचिंग लाइव्ज व्हाइल टचिंग द मून- इंडियाज स्पेस सागा’ थीम पर एक दिवसीय रन अप सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत एवं विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार ने इस अवसर पर पार्वती बांध, धौलपुर के कमांड क्षेत्र के काश्तकारों के लिए तैयार किए गए किसान साथी एप का लोकार्पण किया।सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि किसान साथी एप पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया के किसानों को पानी की उपलब्धता और आपूर्ति के बारे में विश्वसनीय जानकारी प्रदान करेगा। इससे पार्वती सिंचाई परियोजना के 786 वर्ग किलोमीटर कमांड क्षेत्र के 132 गांव के लगभग 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से इस एप द्वारा किसानों को घर बैठे ही जल की उपलब्धता की जानकारी मिल सकेगी और इससे सिंचाई जल के समुचित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के सभी बांधों को किसान साथी एप के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे प्रदेश के सभी किसान लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा नवाचार करते हुए मार्च माह में बड़े बांधों और नहरों के डिजिटलीकरण के लिए डैशबोर्ड का लोकार्पण भी किया गया था। श्री रावत ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग के दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाए जाने के प्रधानमंत्री के फैसले से भावी पीढ़ी इस दिन को सदैव याद रखेगी और प्रेरणा प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि इसरो के वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम और प्रयासों से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान पहुंचाने वाला विश्व का पहला देश भारत है और यह हमारे लिए गौरव की बात है। अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी के उपयोग से भूजल एवं सतही जल के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसान साथी एप के जरिए किसानों और जल संसाधन विभाग के बीच एक प्रभावी संचार लिंक स्थापित किया गया है। इस ऐप के जरिए किसानों से ली गई फसल क्षेत्र की जानकारी के माध्यम से पानी की मांग और अंतर का निर्धारण किया जा सकेगा। साथ ही किसानों को सिंचाई संबंधित शिकायत निवारण करने की सुविधा भी मिलेगी। सम्मेलन में जल संसाधन विभाग द्वारा जयपुर शहर के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित की गई क्विज एवं पेंटिंग प्रतियोगिता के जूनियर एवं सीनियर वर्ग के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस दौरान जल संसाधन मंत्री ने स्पेस टेक्नोलॉजी एवं जल संसाधन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में लगाई गई पुरस्कृत विजेताओं की पेंटिंग्स को श्री रावत ने सराहा। उद्घाटन सत्र को इसरो वैज्ञानिक श्री सागर सांलुखे और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ संयुक्त आयुक्त श्री कुशाग्र शर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्य अभियंता जल संसाधन श्री डी आर मीणा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। एक दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्रों का भी आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का महत्व, जल क्षेत्र में सेटेलाइट की उपयोगिता, जल संसाधन के क्षेत्र में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस का उपयोग, जल संसाधन प्रबंधन में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की उपयोगिता जैसे विषयों पर व्याख्यान हुए एवं चर्चा की गई। किसान साथी एप की विशेषताएं- राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रूड़की के सहयोग से विकसित किया गया किसान साथी मोबाइल एप धौलपुर के पार्वती सिंचाई परियोजना के लगभग 786 वर्ग किलोमीटर कमांड क्षेत्र के किसानों को लाभान्वित करेगा। इससे धौलपुर, बाड़ी एवं बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र के 132 गांव के 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किए गए पार्वती बांध कमांड क्षेत्र के किसानों को इस एप के जरिए स्वामित्व विवरण के साथ फसल की जानकारी प्राप्त होगी। कृषक जियो टैग किए गए साक्ष्य के साथ पानी की चोरी, नहर संबंधी मुद्दों की जानकारी जल संसाधन विभाग को रिपोर्ट कर सकेंगे। वहीं मंडी भाव की जानकारी और मौसम की जानकारी भी इस ऐप के जरिए लाइव प्राप्त की जा सकेगी। बांध और नहर में जल की स्थिति भी ऐप पर उपलब्ध होगी। इस एप के माध्यम से संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए जल उपयोगकर्ता संघ को पार्वती बांध से पानी की उपलब्धता और आपूर्ति की सही और सटीक जानकारी मिलेगी। किसानों से फसल क्षेत्र की जानकारी लेकर पानी की मांग और अंतर का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही कमांड क्षेत्र के किसानों को सिंचाई संबंधित शिकायत निवारण की सुविधा भी मिलेगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation खान सचिव आनंदी ने कहा-कच्चा माल राजस्थान में उपलब्ध होने के बावजूद टाइल्स उद्योग मोरवी में क्यों फल-फूल रहा है?? राजस्थान में शोध कीजिए, सिरेमिक मिनरल्स के खनन से लेकर प्रोसेसिंग तक को दीजिए नई दिशा, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सेरेमिक्स करेगा पहल ई मेल पर मिली राजस्थान के 100 हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की धमकी, लिखा–अस्पताल में सभी मारे जाएंगे, कोई नहीं बच पाएगा, सब तरफ खून ही खून होगा……