24 न्यूज़ अपडेट जयपुर। जयपुर रामकथा में जगदगुरु रामभद्राचार्य ने कहा दिया कि देश की चिंता संत कर सकता है। परिवार वाला भक्त नहीं। इस बार कुंभ में हम कुछ ऐसा करेंगे कि विश्व के नक्शे से पाकिस्तान का नामो-निशान मिट जाएगा। वे विद्याधर नगर स्टेडियम में ताड़का वध और राम विवाह की लीला का प्रसंग सुना रहे थे। रामभद्राचार्य बोले कि कठोर कहने में बदनाम हूं। किसी भी संत को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा- जब रामलला को ला सकते हैं तो मथुरा-काशी के ज्ञानवापी को भी लाकर दिखाएंगे। रेवासा पीठ की दुर्दशा नहीं होने देंगे। रेवासा में जो हुआ वो परंपरा के विरूद्ध है। देश गांधी परिवार का नहीं है। यह राष्ट्र हमारा है। सनातनियों का है। विधर्मियों का नहीं है। जिनके चरणों में बैठकर राष्ट्रीय समस्या का अंत हो जाता है, वो संत है। चित्रकूट धाम में मैं 6 दिसंबर को संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना करूंगा। सांस्कृतिक आंदोलन होकर रहेगा। भारत में गौ हत्या बंद करवा कर रहेंगे। हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाएंगे। चौथी बार नरेंद्र मोदी ही बने। ऐसी मेरी इच्छा है। उन्होंने वचन दिया कि अब मैं हर साल साल छोटी काशी जयपुर आऊंगा। रामभद्राचार्य चित्रकूट में रहते हैं। उनका वास्तविक नाम गिरधर मिश्रा रामानंद संप्रदाय के मौजूदा चार जगद्गुरुओं में से एक हैं। दो महीने की उम्र में इनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। आज उनको 22 भाषाएं आती हैं और ये 80 ग्रंथों की रचना कर चुके हैं। न तो पढ़ सकते हैं और न लिख सकते हैं और न ही ब्रेल लिपि का प्रयोग करते हैं। केवल सुन कर सीखते हैं और बोल कर अपनी रचनाएं लिखवाते हैं।
जगद््गुरू की अभिलाषा : पद्मविभूषण रामभद्राचार्य बोले-’कुंभ में ऐसा करेंगे, नक्शे से मिट जाएगा पाकिस्तान का निशान देश गांधी परिवार का नहीं

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