उदयपुर और सलूंबर में स्थित जावर माइंस खदान पिछले पांच दिनों से बंद पड़ी हुई थी ग्रामीणों के रोजगार की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद प्रशासन ने जावर माइंस की मोचिया बलारिया , मिल,नॉर्थ बरोई और साउथ बरोई में काम शुरु करवा दिया है । हाई कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को सुबह से ही प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया। सलूंबर ,उदयपुर जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से समझाइए का दौर दोपहर तक जारी रहा ।इस बीच प्रदर्शनकारी ने प्रशासन के समक्ष अपनी विभिन्न मांगे रखी और अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा ।वहीं प्रशासन ने जावर माइंस यूनियन से वार्ता कर मजदूरों को काम पर लोटने के लिए भी समझाइश की । दोपहर बाद जावर माइंस की सभी खदानों में मजदूर काम पर चले गए। यूनियन के पदाधिकारी ने बताया प्रशासन के सहयोग से सभी कर्मचारी काम पर आ गए हैं वहीं नॉर्थ बरोई ,जावरमाला और मिल खदान के बाहर ग्रामीण अपना विरोध प्रदर्शन कर रहें हे। ग्रामीणों ने बताया कि जावर माइंस में स्थानीय लोगों को रोजगार,स्वच्छ पेयजल सहित विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा ।पूर्व में जिंक प्रबंधन ने ग्रामीण के साथ किए हुए वादे आज तक पूरे नहीं किए हैं ।जिसके चलते स्थानीय लोगों को ना तो रोजगार उपलब्ध हो पा रहा है नाही स्थानीय ग्रामीण खेती कर पा रहे हैं । ग्रामीणों ने यह भी बताया कि टेलिंग डैम की ऊंचाई बिना अनुमति के बढ़ा दी गई है जिससे आए दिन मवेशी मौत का शिकार हो रहे हैं। यूनियन की अनदेखी के चलते युवा बेरोजगार है।
ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बीच शुरु हुई जावर माइंस , प्रशासन की समझाइश के बाद पांचवे दिन काम पर आए मजदुर

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