24 न्यूज अपडेट. जयपुर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत 900 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि गत सरकार द्वारा वर्ष 2018-19 से वर्ष 2022 -23 तक आरटीई के तहत राशि का पुनर्भरण नहीं किये जाने से लगभग 800 करोड़ रूपये का भुगतान अब भी बकाया है। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा इस बकाया राशि के शीघ्र भुगतान की कार्यवाही की जा रही है।शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश प्रक्रिया की निरंतर समीक्षा की जाती है एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद ही प्रवेश प्रकिया संपन्न होती है। इससे पहले विधायक श्री घनश्याम के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि करौली जिले में शिक्षा का अधिकार कानून के तहत वर्ष 2021-22 में 2 हजार 523, वर्ष 2022 -23 में 4 हजार 740 एवं वर्ष 2024-25 में 7 हजार 024 निशुल्क प्रवेश दिए गए। उन्होंने इसका वर्षवार एवं विधानसभा क्षेत्रवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि करौली जिले में शिक्षा का अधिकार कानून के तहत वर्ष राज्य सरकार द्वारा 2021-22 में 552 विद्यालयों को 14.33 करोड़, वर्ष 2022 -23 में 534 विद्यालयों को 14.84 करोड़ एवं वर्ष 2024-25 में 517 विद्यालयों को 15.51 करोड़ की राशि का पुनर्भरण किया गया। उन्होंने इसका वर्षवार एवं विधानसभा क्षेत्रवार विवरण सदन के पटल पर रखा।शिक्षा मंत्री ने बताया कि निशुल्क प्रवेश प्रक्रिया में आवेदन से लेकर प्रवेश प्रकिया तक संपूर्ण कार्य ऑनलाइन है। कोई भी गैर सरकारी विद्यालय किसी भी विद्यार्थी को आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश होने पर प्रवेश को रोक नहीं सकता। श्री दिलावर ने बताया कि प्रारम्भिक शिक्षान्तर्गत कक्षा 1 से 8 तक शुल्क वसूली के प्रकरण विभाग को प्राप्त नहीं हुए हैं। केवल पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेशित विद्यार्थियों के आरटीई पुनर्भरण के संबंध में याचिका संख्या 792/2023 न्यायालय में विचाराधीन है। इस याचिका के निर्णय अनुसार पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेशित विद्यार्थियों के शुल्क वसूली के संबंध में परिवेदना का निस्तारण किया जाएगा।उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षान्तर्गत इस कानून के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों से शुल्क वसूली के प्रकरण विभाग को प्राप्त हुए है। माध्यमिक शिक्षा से संबंधित प्राप्त शिकायतों के क्रम क्रम में विभाग स्तर पर की गई कार्यवाही का विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में आवेदक शादी के एक वर्ष तक कर सकेंगे आवेदन -सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री Exam Alart… ऑफलाइन आपत्तियां 7 फरवरी को सायं 6 बजे तक बोर्ड कार्यालय में दर्ज करवाएं