बोले “आदिवासी क्षेत्र में विकसित भारत 2047 के स्वप्न को पूर्ण करने में कुछ संस्थागत बाधाएं जिन्हें दूर करना आवश्यक” 24 न्यूज़ अपडेट उदयपुर। लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय बजट 2025-26 पर चर्चा के दौरान उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने इसे एक “विजनरी बजट” करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में ये एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा उपेक्षित रखे गए क्षेत्रों के पुराने अनुभव व विगत 10 वर्षों में किए गए उत्कृष्ट कार्यो की प्रेरणाओं को साथ लेकर वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में हमारी मौलिक रणनीति बजट में प्रस्तुत की है जो भारत की अपनी सुविचारित रणनीति साबित होगी। डॉ. रावत ने अपने संबोधन में बजट की विभिन्न विशेषताओं को “VIKSIT” संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि विकास (V), के तहत बजट में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और हम सबका प्रयास की नीति पर चलते हुए संपूर्ण भारत के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (I) के तहत बजट में एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र को सशक्त करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। स्टार्टअप्स के लिए इकोसिस्टम को 5 वर्ष तक बढ़ाते हुए स्टार्टअप लाभ प्रदान करने की रणनीति युवा उद्यमियों को ताकत देगी वहीं छोटे उद्योगों को कस्टमाइज क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 10 लाख तक की ऋण सुविधा दी गई है। किसान-कृषि (K) के तहत बजट में किसानों के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, उच्च पैदावार बीज मिशन, जैविक खेती को प्रोत्साहन और किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 5 लाख तक बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए हैं। सोशल सिक्योरिटी (S) के तहत बजट में जनजातीय क्षेत्रों के लिए ‘धरती आबा जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ के तहत 63 हजार से अधिक गांवों को शामिल किया गया है। साथ ही, अगले 5 वर्षों में 75 हजार मेडिकल यूजी सीटें बढ़ाने और जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर खोलने का प्रावधान किया गया है।इनकम टैक्स में राहत व इंफ्रास्ट्रक्चर (I) के तहत बजट में नौकरीपेशा लोगों को 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि सीनियर सिटीजन्स को 1 लाख तक की कर छूट मिलेगी। राज्यों को 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 1.5 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे। और तकनीकी अनुसंधान (T) के तहत एआई और परमाणु ऊर्जा में निवेश कर भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाने की रणनीति अपनाई गई है। डॉ. रावत ने कहा कि यह बजट सिर्फ एक ट्रेलर है, और आने वाले समय में सरकार ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के सिद्धांत पर चलते हुए भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाएगी। जनजातीय विकास पर है विशेष जोरडॉ. रावत ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आदिवासी बेटी को राष्ट्रपति बनाए जाने और 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करने हेतु आभार जताया और इसे जनजाति समाज का गौरव बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का जनजातीय विकास पर विशेष जोर है। उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार 24 हजार करोड़ रुपये की पीएम जनमन योजना और 80 हजार करोड़ रुपये की ‘धरती आबा जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ के जरिए आदिवासी समुदाय के समग्र विकास की दिशा में कार्य कर रही है।दक्षिण राजस्थान में उभर रही कानून व्यवस्था की चुनौतियों का किया उल्लेखडॉ. रावत ने राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्र में कट्टरपंथी ताकतों द्वारा आदिवासी संस्कृति को खत्म करने और क्षेत्र में अव्यवस्था फैलाने के प्रयासों की आलोचना करते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्र में विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करने के मार्ग में कुछ संस्थागत बाधाएं हैं जिन्हें दूर करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासी संस्कृति को खत्म कर धर्मांतरण करने, विकास गतिविधियों को रोकने, क्षेत्र में कानून व्यवस्था खराब करने, स्कूलों में अलगाव का विचार फैलाने एवं युवाओं को पत्थरबाज बनाने के लिए कट्टरपंथी तत्वों के साथ मिलकर हानिकारक इकोसिस्टम सक्रिय है जिसे जड़ मूल से समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने इसे असामाजिक और असंवैधानिक बताते हुए सरकार से इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जेईई मेन्स में रेडिएंट का धमाका : उदयपुर के वीर शर्मा 99.95 पर्सेंटाइल के साथ बने सिटी टॉपर डॉ नरेंद्र भंडारी एवं श्रीमान भीकमचंद कोठरी “भ्रमर” कों आचार्य भिक्षु प्रज्ञा सम्मान 2024 दिया गया