24 News Update प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ रियासत के इतिहास में एक नया अध्याय उस समय जुड़ गया जब पूर्व राजघराने के कुंवर भुवन्यु सिंह सिसोदिया का राजतिलक समारोह राजमहल परिसर में पारंपरिक शान और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। भव्य आयोजन में उन्हें प्रतापगढ़ रियासत का नया महारावत घोषित किया गया।
समारोह की शुरुआत सुबह 10:30 बजे पारंपरिक पगड़ी और राजतिलक की विधियों से हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर रियासत के अधीनस्थ 16 ठिकानों के प्रतिनिधियों ने नव-नियुक्त महारावत को पारंपरिक नज़राना भेंट किया और अपनी आस्था एवं अधीनता व्यक्त की। इसके साथ ही जयपुर, सिरोही, उदयपुर, जोधपुर, जामनगर और सीतामऊ रियासतों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने समारोह को और गरिमामय बना दिया।
राजमहल परिसर में आयोजित इस आयोजन में राजपरिवार के सदस्य, पूर्व जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे ताकि कार्यक्रम शांति और अनुशासन के साथ सम्पन्न हो सके। समारोह के उपरांत 11:30 बजे पारंपरिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न समाजों और रियासतों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि प्रतापगढ़ रियासत के पूर्व महारावत जय सिंह का 9 जून को निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार वैदिक विधियों से उत्तर प्रदेश के कालाकांकर गंगा तट पर सम्पन्न हुआ, जहां उनके पुत्र कुंवर भुवन्यु सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी थी।
भुवन्यु सिंह सिसोदिया के राजतिलक से प्रतापगढ़ राजघराने की परंपरा में नया उत्तराधिकारी जुड़ गया है, जिनसे क्षेत्रीय जनमानस को नई दिशा और प्रेरणा मिलने की अपेक्षा की जा रही है।
कुंवर भुवन्यु सिंह सिसोदिया बने प्रतापगढ़ रियासत के नए महारावत, राजतिलक समारोह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न

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