24 न्यूज अपडेट. जयपुर। राजधानी जयपुर के गोनेर रोड स्थित खोह नागोरियान थाना इलाके में प्रॉपर्टी कारोबारी की पत्नी की हत्या का आज राजफाश हो गया है। आरोपी महिला का किराएदार का भांजा है। जांच में सामने आया कि मकान मालकिन सतीश शर्मा (52) की पत्नी मंजू शर्मा (मृतका) आए दिन किराएदार के भांजे को टोकती थी। महिला के बार-बार टोकने से वह इतना खफा हो गया कि पहले उसने मंजू शर्मा की धारदार हथियार गला काटने के बाद उसके पेट में 25 वार किए। इसके बाद चेहरे पर भी 17 से अधिक वार किए। उसके बाद किसी को शक ना हो। इसके लिए वह मृतक के परिजनों के साथ ही हॉस्पिटल चला गया। लेकिन बच नहीं पाया व सीसीटीवी में पकडा गया। किराएदार के भांजे शैलू उर्फ दीपू ने पूछताछ में गुनाह कबूल कर लिया है। मृतका के पति सतीश शर्मा ने बताया कि 3 साल पहले परिचित के कहने पर राहुवास, दौसा निवासी एक परिवार को मकान किराए पर दिया था। वह प्राइवेट जॉब करता था। उसके परिवार में अन्य लोगों के आने पर पहले भी कहासुनी हुई थी।
पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से मृतका का पोस्टमॉर्टम करा शव परिजन को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि गोनेर रोड स्थित राधा कृष्ण मंदिर के सामने गौरव वाटिका निवासी सतीश शर्मा (52) अपने परिवार के साथ रहते है। सतीश शर्मा की मच्छ पीपली, गोनेर रोड पर हैपी बुक डिपो के नाम से दुकान है और प्रॉपर्टी डीलर भी है। वे शनिवार दोपहर 12 बजे घर से खाना खाकर दुकान चले गए थे। उनका बड़ा बेटा कल्पित शर्मा जयपुर से ही एमबीबीएस कर रहा है। छोटा बेटा मौसम शर्मा बी-फार्मा कर रहा है। घर पर पत्नी मंजू शर्मा (41) अकेली थी। शनिवार दोपहर 1ः20 पर उनका बड़ा बेटा कॉलेज से घर पहुंचा। उसने देखा कि घर में खून फैला है। बेड के नीचे चादर से कुछ ढका हुआ था। बेटे ने जैसे ही चादर हटाया उसकी वो हैरान रह गया और जोर से चिल्लाया। उसके सामने मां लहूलुहान हालत में पड़ी थीं। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी भी आ गए। मौसम ने अपने पिता, चाचा और महात्मा गांधी में बी-फार्मा कर रहे छोटे भाई कल्पेश को फोन कर घटना की जानकारी दी। पिता-पुत्र व आसपास के लोग उसी चादर में लपेटकर मंजू को ैडै हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंजू की हत्या के बाद आसपास के सीसीटीवी फुटेज चैक किए। पुलिस को एक संदिग्ध (किराएदार का भांजा) वहां आते हुए दिखाई नजर आया। पुलिस ने जब उसके बारे में जानकारी जुटाई। परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने जब किराएदार के भांजे शैलू के बारे में पता किया तो वह सवाई मानसिंह अस्पताल में ही मृतका के परिजनों के साथ मिला। इसके बाद उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
हत्या के बाद अपने रूम पर पहुंचा आरोपी
महिला की हत्या करने के बाद आरोपी प्रेम नगर पुलिया के नजदीक अपने कमरे पर पहुंचा। वहां खुद के कपड़े जलाने के बाद उसने महिला का मोबाइल और हत्या के काम में लिया चाकू छुपाकर वापस हॉस्पिटल पहुंच गया था। एसएमएस अस्पताल में वह मृतका के परिजनों के साथ ही खड़ा हो गया, ताकि किसी को शक नहीं हो। वारदात के समय किराएदार दंपती के घर पर नहीं होने और हत्याकांड के बाद भी नहीं पहुंचने पर शक की सुई को अटका दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले तो अपना चेहरा ढककर सुबह 10.30 बजे मंजू (मृतका) के घर आया, लेकिन वापस चला गया। इसके बाद वारदात के इरादे से वह वापस दोपहर 12.30 बजे आया। इसी दौरान घटना कर वहां से अपने किराए के कमरे पर चला गया।
आरोपी ने अपनी नानी का भी गला दबाया
आरोपी ने महिला की हत्या के बाद अपनी ही नानी पर भी हमला किया था। हत्या के बाद आरोपी ऊपरी मंजिल पर नानी कोकिला के पास गया। नानी ने पैंट पर खून लगे होने का कारण पूछा। पहले तो आरोपी ने बहाना बनाया और जब सख्ती से पूछा तो आवेश में आकर नानी का ही गला दबा दिया। आरोपी ने अपनी ही नानी का सिर दीवार में दे मारा, जिससे उसके 22 टांके आए हैं। इसके बाद आरोपी प्रेम नगर पुलिया के पास अपने कमरे पर चला गया। जहां पर उसने मृतका का मोबाइल और चाकू छिपा दिया। फिर वह मृतका के परिजनों के पास सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचा। लेकिन, शक के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
किराएदार का भांजा निकला हत्यारा, पहले गला रेता, फिर पेट-चेहरे पर 42 वार किए, हत्या के बाद शक न हो इसलिए परिवार की साथ हॉस्पिटल में था मौजूद, सीसीटीवी से पकड़ा गया

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