24 न्यूज अपडेट उदयपुर। उदयपुर के कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड में नया मोड आया हैं। कन्हैयालाल की हत्या के मामले में एनआईए ने पाकिस्तान के कराची निवासी सलमान और अबू इब्राहिम को फरार बताते हुए मुख्य आरोपी गौस मोहम्मद और मोहम्मद रियाज अत्तारी सहित 11 आरोपियों मोहसिन, आसिफ, मोहम्मद मोहसिन, वसीम अली, फरहाद मोहम्मद शेख उर्फ बबला, मोहम्मद जावेद, मुस्लिम मोहम्मद के खिलाफ चालान पेश किया था। अब अपडेट यह है कि आरोपी को जमानत देने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। कन्हैयालाल के बेटे यश तेली ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर हाईकोर्ट के जमानत देन के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सोमवार को मामले में सुनवाई करने के बाद एनआईए या कहें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने और आरोपी मोहम्मद जावेद को नोटिस जारी कर दिए हैं। याचिकाकर्ता यश के वकील के अुनसार जावेद, मुख्य आरोपी मोहम्मद रियाज अत्तारी से लगातार संपर्क में था। उसने ही कन्हैयालाल की रेकी की। इस मामले में अभी ट्रायल चल रहा है। पूरे केस में 116 गवाह हैं। कुछ लोगों की गवाही दर्ज हुई है। गवाहों पर दबाव बनाया जा सकता है। मामला आतंकी घटना से जुड़ा है। आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए था। आपको बता दें कि करीब 5 सितंबर को हाईकोर्ट ने कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद जावेद को जमानत दी थी। जावेद पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने, आपराधिक षड्यंत्र सहित गैर कानूनी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप हैं। हाईकोर्ट ने तब भी कहा था कि एनआईए ने केवल कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया, लोकेशन साबित नहीं कर पाई है। किसी तरह की रिकवरी तक नहीं की गई। लंबे समय से वह जेल में है। ट्रायल लंबा चलेगा, ऐसे में उसे जमानत दी जाती है। वकील ने कहा कि एनआईए कह रही है कि जावेद ने इंडियाना टी-स्टॉल पर बैठकर कन्हैयालाल की हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन टी-स्टॉल के मालिक धर्मेंद्र साहू ने जावेद के उस दिन वहां आने की बात कन्फर्म ही नहीं की। जावेद ने कन्हैयालाल की रेकी करके रियाज को बताया था। दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से यह बात साबित होती है कि जावेद कन्हैयालाल की दुकान पर गया ही नहीं था। इस प्रकार की चूक एनआईए से आखिर क्यों हुई यह चिंता का विषय है। मोहम्मद जावेद से पहले फरहाद मोहम्मद उर्फ बबला को एनआईए कोर्ट ने 1 सितंबर 2023 को जमानत दी थी। फरहाद के खिलाफ एनआईए ने आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया था। कोर्ट का कहना था कि आरोपी पर केवल आर्म्स एक्ट का आरोप है। तलवार बरामद हुई है या नहीं, तलवार भोंटी थी या धारदार। इसका फैसला जमानत के स्तर पर नहीं किया जा सकता है। आरोपी जुलाई 2022 से जेल में है, ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया गया था। 28 जून को उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने निर्मम तरीके से गला काटकर हत्या कर दी थी।
कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी के जमानत के फैसले को बेटे यश ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

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