रिपोर्ट जयवंत भैरविया
24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। उदयपुर के नीमच माता रोप वे केस में बड़ा मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से याचिकाकर्ता शांतिलाल मेहता के जुर्माने को कोर्ट ने माफ किया है साथ ही हाइकोर्ट की अन्य बेंच को सुनवाई के लिये अधिकृत किया हैं उदयपुर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं “ कड़वी कलम “ के लिये सुप्रसिद्ध वरिष्ठ नागरिक व शिक्षाविद श्री शांतिलाल मेहता ने राजस्थान हाई कोर्ट में नीमच माता रोप वे को लेकर जनहित याचिका प्रस्तुत की थी। जनहित याचिका का प्रमुख आधार इको सेंसिटिव जोन में अवैध गतिविधिया, पर्यावरण एवं पशु पक्षियों को होने वाला नुकसान, पर्वत क्षेत्र की कटाई व नीमच माया मंदिर की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ होना था। राजस्थान हाइकोर्ट ने गंभीरता से विचार किये बिना ही याचिका को खारिज कर श्री शांतिलाल मेहता पर 25 हजार का जुर्माना आरोपित कर दिया था। इस पर शांतिलाल मेहता ने इस फैसले को चुनोती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील की जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने रोप वे मामले में अनियमताओं को स्वीकार करते हुए हाइकोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने को गलत माना व माफ किया व इस प्रकरण को पुनः हाइकोर्ट की अन्य बैंच में सुनवाई हेतु अग्रेषित किया।
नोट : इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की और अधिक स्पष्ट व्यख्या करते हुए खबर व तथ्यों को निरंतर अपडेट किया जा रहा है।

