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एसपी साहब! ये क्या हो रहा है, शराब व्यवसायी गोगुंदा थानाधिकारी पर लगा रहे गंभीर आरोप, बोल रहे हम व्यापारी हैं गुंडे नहीं, थानेदार ने धंधा चौपट कर दिया, 40 लाख के नीचे आ गए, चाबी ले लो, दुकान बंद करवा दो

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24 न्यूज अपडेट उदयपुर। गोगुंदा थाना सर्कल में एक व्यवसायी ने मदिरा की जा दुकानें लगाई उसको अब चलाना मुश्किल हो गया है। कारण है गोगुन्दा थानाधिकारी शैतानसिंह नाथावत का दखल जिससे वो तंग आ चुके हैं। रोज अलग-अलग बहानों से कार्रवाई हो रही है। आज एसपी, कलेक्टर, संभागीय आयुक्त, आबकारी कमिश्नर को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि दखलंदाजी और बार-बार बिना वजह के कार्रवाई से वे तंग आ चुके हैं। व्यवसाय करना मुश्किल होता जा रहा है। या तो राहत दिलाएं या फिर दुकानों की चाबी रख लें। हेमंत चौधरी ने मीडिया को बताया कि गोगुन्दा थाना सर्कल में तीन मदिरा दुकानें आती है, जो वे नियमानुसार संचालित करते है। साथ ही गोदामों के विभाग स्वीकृत लोकेशन होकर नियमानुसार संचालित हैं। पिछले चार-पाँच महीने से गोगुन्दा थानाधिकारी द्वारा परेशान किया जा रहा है। बार-बार उनकी ही दुकानों को टारगेट किया जा रहा है, परमिट की गाडियो को पकडकर अवैध बताकर केस बनाये जा रहे हैं और हमारे परमिट बताने पर बोला जाता है कि वैध है तो कोर्ट से छुडवा देना। साथ ही परमिट को अवैध बताकर मुकदमा दर्ज किया गया जबकि उनके पास लाइसेंस है। वहाँ पर भी थानाधिकारी द्वारा ग्राहकों को एक बोतल या पव्वा लेकर जाने पर भी दुकान के बाहर पुलिस की गाडी लगाकर उठाकर थाने ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 50 रूपए वाले ग्राहकों से 2-2 हजार रूपए वसूले जा रहे हैं। दुकान में घुसकर सेल्समेन को धमकाते हैं। बीस दिन पूर्व में गोदाम जसवन्तगढ पर लोकेशन होने के बावजूद सारी मदिरा दुकान से उठाकर थाने लाकर मुकदमा दर्ज कर दिया। इस पर माननीय न्यायालय ने उक्त जब्त मदिरा को वैध बताते हुए सम्पूर्ण मदिरा को छोडने का आदेश दिया व न्यायालय द्वारा वैध मदिरा को लाने पर थानाधिकारी को फटाकर लगायी। इससे नाराज होकर कल 13 मई को दुकान के अन्दर घुसकर सेल्समेन को धमकाया और सभी दुकानों व गोदामों के बाहर पुलिस जवान बैठा दिये गये हैं, उन्होंने इसका फोटो भी ज्ञापन के साथ लगाया। धमकाया कि आगे तुम लोग यहां दुकान नहीं चला पाओगे। जबकि उनके पास आठ करोड गारण्टी की दुकाने हैं। अधिकारियों से निवेदन किया गया कि इस हालत में दुकानों को चलाने में अमसर्थ हैं अगर मदद नहीं की गई तो आज ही सभी मदिरा दुकानों को छोडने के लिए तैयार हैं, और सरकारी राजस्व पर प्रभाव पडता है तो उसके जिम्मेदार थानाधिकारी गोगुन्दा शैतानसिंह नाथावत रहेगें।

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