24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत इमोशन फोकस्ड थेरेपी विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ।
इस कार्यशाला की सरंक्षक प्रो सुनीता मिश्रा, कुलपति, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय एवं अध्यक्ष प्रो हेमंत द्विवेदी, अधिष्ठाता, कला महाविद्यालय रहे। रुसा प्रोजेक्ट समन्वयक मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. तरुण कुमार शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में मुख्य वक्ता असीरा चिरमुले, डायरेक्टर अथा सेंटर, मुंबई रही। आयोजन सचिव डॉ. रश्मि सिंह ने बताया कि कार्यशाला 16 से 18 जनवरी तक आयोजित हुई जिसमें ई.एफ.टी के तकनीक से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण सत्र हुए। मुख्य वक्ता ने संवादों को सही नाम देना, उनकी थीम को पहचानना, उन्हें स्वस्थ तरीकों से “डील” करना, ग्राउंडिंग तकनीक, हैंड ब्रीदिंग एक्सरसाइज़, ग्लिमर्स, माइंडफलनेस, परामर्श कौशल, बिहेवियरल एक्टिवेशन, रुल ऑफ पी पी एम एस, स्टैप्स ऑफ थेरपी का प्रशिक्षण दिया। असीरा ने थेरपी सेशन का लाइव डिमांस्ट्रेशन दिखाकर प्रतिभागियों को यह समझाया कि कैसे एक क्लाइंट के साथ थेराप्यूटिक एलायंस बनाना चाहिए। उन्होनें स्वीकार्यता और प्रतिबद्धता चिकित्सा के प्रमुख सिद्धांतों जैसे संज्ञानात्मक विसरण, कष्ट सहनशीलता, मूल्य स्पष्टता और टी. आय. पी. पी के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान करी। इसमें कुल ५५ प्रतिभागी मौजूद थे। कार्यशाला में डॉ. अनीता जोया, डॉ. सबिहा खान, एवं डॉ. रमेश बागड़ी भी मौजूद थे।
इमोशन फोकस्ड थेरेपी पर मनोविज्ञान विभाग की तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न

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