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*आर्ट्स कॉलेज पहुंची ईवीएम, स्ट्रांग रूम में बंद हुआ भाग्य, खाने की गुणवत्ता से नाराज हुए कर्मचारी*

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*उदयपुर। लोकतंत्र के उत्सव की अहम कड़ी ईवीएम, वीवीपैट मशीन और कंट्रोल यूनिट देर शाम को फिर आट्र्स कॉलेज लौट आई। सरकारी कर्मचारियों ने बड़ी ही मेहनत और जिम्मेदारी से अपना फर्ज निभाते हुए फ्री एंड फेयर इलेक्शन करवाए, उन्हें सेल्यूट। अभी आट्र्स कॉलेज में ईवीएम को बारी-बारी से जमा करने का उपक्रम चल रहा है और थोड़ी देर बार अंतिम आंकड़ों को दुरूस्त व क्रॉसचेक करने के बाद प्रत्याशियों का भाग्य स्ट्रोंग रूम में बंद हो जाएगा व इन पर चौबीसों घंटे का पहरा लगा दिया जाएगा। भाग्य का यह पिटारा अब 4 जून को खुलेगा। सरकारी कर्मचारियों के लौटने का क्रम लगभग 8 बजे शुरू हो गया था जिसके बाद सबने सिलसिलेवार वहां पर बनी लाइनों में लग कर अपने मतदान केंद्र, बूथ व भाग संख्या आदि के आधार पर ईवीएम को जमा करवाया। लाइनों में लगने से पहले सबने रिश्तेदारों व मिलने वालों को फोन कर बुलाया ताकि गंतव्य तक जा सके। जो नहीं जा पाए उनके लिए प्रशासन ने ठहरने की व्यवस्था की है। इधर, कर्मचारियों में खाने की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी देखी गई। अधिकारियों के लिए अलग काउंटर लगाया गया जबकि कर्मचारियों के लिए अलग। सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों को जहां खाना दिया गया उसकी गुणवत्ता ऐसी थी कि खाते ही पता चल गया कि खाना या तो जल्दी पैक किया गया है या फिर गुणवत्ता का कोई गंभीर मसला है। जबकि प्रशासन को यहां पर गर्मागर्म खाना परोसना चाहिए था क्योंकि बूथों से लेकर रैलियों तक तामझाम में इतना खर्चा किया गया तो फिर गर्म खाना परासने में आखिर क्या परेशानी थी। बताया गया कि अधिकारियों वाले हिस्से में खाना एकदम चकाचक था। अगर हर कैडर के कर्मचारी ने लोकतंत्र के महायज्ञ में एक साथ बैठकर पंगत में भोजन किया होता तो ये नौबत ही नहीं आती। इस फीडबैक को जिला प्रशासन को तुरंत क्रिटिकली व पॉजिटिवली लेते हुए एक आंतरिक गुणवत्ता असेसमेंट हाथों हाथ करवा ही देना चाहिए। मौके पर फीडबैक आया कि छोटे कर्मचारी तो खाने को थोड़ा बहुत खाकर उससे किनारा कर गए और अपनी शिकायत को ज्यादा बुलंद भी नहीं कर पाए। बताया गया कि चांवल को लेकर ज्यादा दिक्कत थी।*

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