24 News Update उदयपुर। अधिवक्ता परिषद उदयपुर के तत्वावधान में मंगलवार को आपातकाल (25 जून 1975) के दौरान न्यायिक अभिरक्षा में रहे एवं यातनाएं सहने वाले तीन वरिष्ठ अधिवक्ताओं – शांति लाल चपलोत, खुबीलाल सिंघवी एवं ऋषभ जैन – का जिला न्यायालय परिसर में सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद के संयोजक मनीष शर्मा, जिला अध्यक्ष महेंद्र ओझा एवं जिला महामंत्री सहित परिषद के अन्य पदाधिकारियों ने तीनों अधिवक्ताओं को माला पहनाकर एवं ऊपरना उड़ाकर सम्मानित किया।
मनीष शर्मा ने बताया कि 25 जून 1975 को देश में जब आपातकाल लागू हुआ, उस दौरान लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले अनेक अधिवक्ताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाला गया और अमानवीय यातनाएं दी गईं। उन्हीं में से ये तीन अधिवक्ता रहे, जिन्होंने न केवल आपातकाल का साहसपूर्वक सामना किया, बल्कि बाद में वकालत और सामाजिक जीवन में भी प्रमुख योगदान दिया। शांति लाल चपलोत ने बाद में विधायक, सांसद एवं राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के रूप में भी सेवा दी। खुबीलाल सिंघवी और ऋषभ जैन ने विहिप एवं आरएसएस से जुड़कर समाजसेवा एवं वैचारिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।
इस अवसर पर पूर्व बार अध्यक्ष रामकृपा शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मोगरा, मांगीलाल जैन, अपर लोक अभियोजक प्रेम सिंह पंवार, गोपाल पालीवाल, किशोर न्याय बोर्ड के न्याय मित्र हरीश पालीवाल, सत्येंद्र पाल सिंह छाबड़ा, जगदीश खेरलिया, हनीफ खान, शिव उपाध्याय, वीरेंद्र सिंह सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से अधिवक्ता परिषद ने लोकतंत्र के संघर्षशील प्रहरी रहे अधिवक्ताओं को स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी और नई पीढ़ी को संविधान, स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों के प्रति सजग रहने का संदेश भी दिया।
आपातकाल के सेनानियों का सम्मान: अधिवक्ता परिषद ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं को किया सम्मानित

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