Site icon 24 News Update

आइडिया जोरदार है….कहीं भी काम आ सकता है,,,,,,25 बार परिवाद निस्तारित कर दिया मगर काम नहीं किया, जनसुनवाई में अधिकारियों के लिए बनाकर लाए ’विस्मृति चिन्ह’

Advertisements

24 न्यूज अपडेट, स्टेट डेस्क। आज राजस्थान के सभी जिलों में कलेक्टरों ने जन सुनवाई की और समस्याएं सुनीं। मगर कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं जिनको जिला प्रशासन समाधान के स्तर पर पहुंचाने से डरता है क्योंकि पॉलिटिक्स या हाई पावर लोगों का इन्वोल्वमेंट होता है। ऐसे में प्रशासन का रामबाण हथियार है कि हर बार टरकाते रहो, इतनी बार टरकाओ कि आवेदक आना ही भूल जाए और समस्या ठंडे बस्ते में चली जाए। लेकिन अलवर में एक व्यक्ति ने जिद ठान ली। जितनी बार परिवाद का निस्तारण करोगे, उतनी बार सुनवाई में फिर आउंगा। इस बार जिला कलक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को हुई जनसुनवाई में शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर यह व्यक्ति अधिकारियों को देने के लिए स्मृति चिन्ह की जगह …….विस्मृति चिन्ह …….लेकर आ गया। मीडिया से कहा कि परिवाद को हर बार की तहर भुला दिया गया लेकिन वे नहीं मानने वाले, अधिकारियों को याद दिलाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। विस्मृति चिन्ह पर लिखा है कि उनके परिवाद का निस्तारण 25 बार में भी नहीं हो सका। जनसुनवाई में पहुंचे टीकम सैनी ने बताया कि लाल डिग्गी क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या है और वे करीब 25 साल पहले से आ रहे हैं। 24 बार इस समस्या से जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को अवगत करा चुके थे, लेकिन अभी तक यह समस्या जस की तस है.। अब आखिरकार उन्होंने स्मृति चिन्ह तैयार कर अधिकारियोंं को दिया मगर उन्होंने लेने से ही मना कर दिया। उनका यह कदम किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि को जागरूक करने के लिए है। अगली बार भी समाधान नहीं हुआ तो फिर से आएंगे। अगली बार 26वीं व 27वीं बार भी विस्मृति चिन्ह लाया जाएगा।

Exit mobile version