24 न्यूज अपडेट. अजमेर। उदयपुर में कन्हैयालाल साहू हत्याकांड के आरोपी रियाज अत्तारी सहित 4 हार्डकोर आरोपियों को आज हाई सिक्योरिटी जेल से जेएलएन हॉस्पिटल लाया गया व डाक्टरों को दिखाया गया। रियाज को यूरोलॉजी विभाग में व बाकी तीन का ओपीडी में इलाज करवाया गया। हथियारबंद जवान, सिविल लाइन सहित और कोतवाली थाना पुलिस की मौजूदगी इस दौरान रही। रियाज को पहले भी अस्पताल में दिखाया गया था। गौस मोहम्मद भी उसी जेल में बंद है। रियाज ने आज बाथरूम में तकलीफ होने की शिकायत की थी जिस पर उसे हथियारबंद जवानों और सिविल लाइन कोतवाली थाना पुलिस की मौजूदगी में यूरोलॉजी विभाग लाया गया। वापस कड़ी सुरक्षा में हाई सिक्योरिटी जेल शिफ्ट किया गया। उसके साथ गए तीन अपराधी भी हार्डकोर हैं। पुलिस की इस कार्यवाही से सवाल उठ खड़े हुए हैं कि आखिर डाक्टरों को ही हाई सिक्योरिटी जेल में क्यों नहीं बुला लिया गया। इनकी सुरक्षा के लिए इतना बड़ा लवाजमा लेकर जनता के पैसे खर्च करके हॉस्पिटल जोन की क्या जरूरत थी। विशेषज्ञों को वहीं पर बुलाया जा सकता था व जांचें भी करवाई जा सकती थी। रियाज के साथ हार्डकोर अपराधी सिकंदर ऑफ जीवण, दिलीप और अन्य को उपचार के बाद जेल में शिफ्ट कर दिया गया। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस जब पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करवा सकती है तो फिर डाक्टर जेल में क्यों नहीं बुलवा सकती। यदि अपराधियों को लाते व ले जाते समय कोई अनहोनी होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। ऐसे अपराधियों की जेल से बाहर आवाजाही क्या उचित है, इस पर पुलिस को पुनर्विचार करना चाहिए।
रियाज सहित हार्डकोर अपराधियों को क्यों ले गए अस्पताल? जेल में ही क्यों नहीं बुलाए डॉक्टर?

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