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राजस्थान में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम का खतरनाक वायरस, बदल रही पीड़ितों की आवाज

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24 न्यूज अपडेट, राजस्थान। राजस्थान में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के तीन नए मामले सामने आए हैं। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती इन मरीजों में नर्वस सिस्टम पर वायरस के अटैक के लक्षण देखे गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी खुले में रखे अस्वच्छ खाने और दूषित पानी के कारण फैल सकती है।
क्या है गुइलेन-बैरे सिंड्रोम
एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जिसमें इम्यून सिस्टम ही शरीर की नसों पर अटैक करने लगता है। यह बीमारी बैक्टीरिया या वायरस इंफेक्शन के कारण होती है। इसमें मरीज की आवाज बदल सकती है, मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, और हाथ-पैर सुन्न पड़ सकते हैं। गंभीर मामलों में मरीज को सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है, जिससे जानलेवा स्थिति बन सकती है। डाक्टरों ने बताया कि यह बीमारी पुरानी है, लेकिन गंदगी और अस्वच्छ खान-पान के कारण इसके केस बढ़ रहे हैं। खुले में मिलने वाली चाट-पकौड़ी, पानी-पूरी, ठंडी चटनी, और दूषित पानी इसके फैलने की बड़ी वजह हो सकते हैं। बैक्टीरिया शरीर में घुसकर इम्यून सिस्टम को गुमराह कर देता है, जिससे शरीर की एंटीबॉडी खुद नर्वस सिस्टम पर हमला करने लगती है।
बीमारी के लक्षणः
आवाज में बदलाव (गले की नर्व्स प्रभावित होने से) मांसपेशियों में कमजोरी हाथ-पैर सुन्न पड़ना या झनझनाहट चलने-फिरने में दिक्कत
सांस लेने में परेशानी आती है। संक्रमण से बचने के उपाय के तहत खुले में रखा अस्वच्छ खाना और दूषित पानी न पिएं। साफ-सफाई का ध्यान रखें, हाथ धोकर भोजन करें। इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए हेल्दी डाइट लें। बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जयपुर में मिले तीन नए मामले यह संकेत देते हैं कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के केस बढ़ सकते हैं। यह एक खतरनाक बीमारी है, जो न्यूरोलॉजिकल सिस्टम को प्रभावित करती है। सावधानी ही बचाव है, इसलिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

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