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चांदीपुरा वायरस का हाई अलर्ट : मक्खी, मच्छर फल रहे हैं, बच्चों को तेज बुखार हैं तो तुरंत अलर्ट हो जाएं, जानलेवा वायरस से लड़ने की प्रशासन की तैयारी पूरी, गुजरात के साबरकांठा व अरावली जिलों से सटे राजस्थान के इलाकों में हाई अलर्ट जारी

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24 न्यूज अपडेट उदयपुरा। उदयपुर जिले के आदिवासी अंचल में चांदीपुरा वायरस के लक्षण मिलने के बाद चिकित्सा विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया हैं सीएमएचओ डॉक्टर शंकर बामनिया ने आज उदयपुर जिला कलेक्टर से मुलाकात कर पिछले दो दिनों में आदिवासी इलाकों में इस बीमारी को लेकर हुए सर्वे के बारे में जानकारी दी। सीएमएचओ डॉक्टर शंकर बामनिया ने बताया कि गुजरात इलाके से सटे सभी ब्लॉक को अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्कूल में आने वाले बच्चों के साथ घर-घर जाकर चिकित्सा विभाग की टीम बच्चों की स्क्रीनिंग का काम कर रही है। जिन गांवों में चांदीपुरा वायरस से संक्रमित लक्षण बच्चे मिले हैं वहां पर चिकित्सा विभाग की टीम को तैनात कर रखा है । बामनिया ने कहा कि हालांकि अब तक दोनों ही बच्चों में चांदीपुरा वायरस होने की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुणे लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी स्थिति का पता चल पाएगा । लेकिन चिकित्सा महकमा पूरी तरह से मुस्तैद है । सीएमएचओ ने बातचीत में कहा कि चांदीपुरा वायरस के केस गुजरात में आने के बाद से खेरवाडा व नयागांव ब्लॉक में खेरवाडा में बलीचा गांव के नलाफलां गांव में एक बच्चा जो तीन साल का था, वह 26 जून को मिला था। उसे हाई ग्रेड फीवर हुआ, सिविल अस्पताल हिम्मतनगर में उसकी डेथ हो गई। ऐसी और डेथ गुजरात में हुई। इसके पीछे के कारणों की जांच करते हुए चिकित्सकों ने कहा कि यह चांदीपुरा वायरस है। यह नागपुर के चांदीपुरा में सबसे पहले मिला था। इसमें हाई ग्रेड फीवर, तेज बुखार, हैडेक होना, मिर्गी का दौरा पड़ना। यह नर्वस सिस्टम का प्रभावित करता है व मिर्गी के दौरे आने के बाद डेथ हो जाती है। ऐसी पैनिक कंडीशन में हमारी टीमें लगी हुई है। नयागांव के पास बावलवाडा की बच्ची एडमिट है। उसकी स्थिति अब ठीक है। आईसीयू से बाहर निकाल दिया गया है। सभी बच्चों की सिरम या ब्लड लेकर पूणे वायरोलोजी लेब भेजे हैं। हमने चांदीपरा को डिजीज एक्स मानते हुए टीमों को अलर्ट कर दिया है। एपिडियोमोलोजिस्ट, फिजिशियन व बेस लाइन वर्कर काम कर रहे है। यह वेक्टर बोर्न डिजीज है जो कीट पतंगों व मच्छरों आदि से फैलती है। इनको रोकने के लिए कहीं भरे पानी को खाली करें, एंटी लार्वा एक्टिविटी करें। एजुकेशन सहित अन्य डिपार्टमेंट, आंगनवाडी आदि का सहयोग लिया जा रहा है। गुजरात के अरावली व सांबरकाठा का इलाका जो राजस्थान से जुडा है वहां पर पूरे गांवों का सर्वे हो गया है। कोटड़ा, झाडोल, नयागांव खेरवाडा सहित अन्य ब्लॉक हाई अलर्ट मोड पर।

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