24 न्यूज अपडेट उदयपुर। संसाधन प्रबंधन और उपभोक्ता विज्ञान विभाग, सीसीएएस, एम पी.यू ए.टी में बीआईएस, जयपुर और सीसीएएस स्टैंडर्ड्स क्लब के संयुक्त तत्वावधान में छात्रों के बीच मानकों, गुणवत्ता एवम स्टैण्डरडाईजेशन हेतु जागरूकता फैलाने के लिए एक मानक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। डॉ. पी.के. सिंह डीन सीसीएएस और सीटीएई ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और बताया कि बीआईएस वस्तुओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि किसी उत्पाद पर बीआईएस मानक चिह्नों की उपस्थिति उत्पाद की अनुरूपता का आश्वासन है और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
आईसीएआर प्रोफेसर एमेरिटस एवं बीआईएस मेंटर डॉ. सुमन सिंह ने कार्यक्रम के बारे जानकारी देते हुए बताया की मानक यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी विशिष्ट उद्योग में उत्पादित सामान या सेवाएँ सुसंगत गुणवत्ता के साथ आती हैं और उसी उद्योग में अन्य तुलनीय उत्पादों या सेवाओं के बराबर होती हैं। मानकीकरण उत्पादित वस्तुओं की सुरक्षा, अंतरसंचालनीयता और अनुकूलता सुनिश्चित करने में भी मदद करता है। इस कार्यशाला में इंजीनियर प्रफुल्ल कोठरी जी, बीआईएस, जयपुर रिसोर्स पर्सन के तौर पर शामिल हुए जिन्होंने सुरक्षित, विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध कराने पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की। तत्पश्चात 50 स्नातक छात्र- छात्राओं के बीच मानक लेखन प्रतियोगिता करवाई गयी। इसमें गायत्री एवं आकांक्षा को प्रथम स्थान, विशाल एवं अखिलेश को द्वितीय स्थान, कुणाल एवं हिमांशी को तृतीय स्थान तथा कंचन एवं नेहा को सांत्वना पुरुस्कार से नवाज़ा गया। आयोजन टीम में डॉ. सुमन सिंह, डॉ. रेखा व्यास, डॉ. हेमू राठौड़, डॉ. जयमाला दवे, डॉ. रुचि पारीक, डॉ. अंजली जुयाल, सुश्री अनुष्का तिवारी, एवं सुश्री ऋषिका भारद्वाज शामिल थीं।
मानकों का निर्माण : बीआईएस और सीसीएएस के छात्रों के लिए मानक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन

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