24 न्यूज अपडेट डूंगरपुर। कहा जाता था कि कलयुग में किन्नरों का राज आएगा, अब तो भगवान राम भी 500 साल बाद अयोध्या में विराजित हो चुके हैं। ऐसे में किन्नरों को सरकारी नौकरियों में अपनी किस्मत भाजमाने का मौका मिलना ही चाहिए। देश के कई राज्यों में किन्नरों के लिये दो फीसदी आरक्षण है। छत्तीसगढ़ पुलिस में 11 किन्नरों को नियुक्ति तक हो गई है। महाराष्ट्र, उड़ीसा एवं अन्य राज्यों में राज्य सेवा का अवसर दिया गया है। किन्नर यशवंती ने संभागीय आयुक्त को ज्ञापन देकर गुहार की है व कुछ ऐसे मुद्दे उठाए हैं जो समसामयिक हैं व दिल को छूने वाले हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में स्थितियां उल्टी हैं वर्ष 2018 से पुलिस कांस्टेबल में भर्ती का प्रयास कर रही हूं। पहले मेल-फिमेल के साथ अन्य का कॉलम होता था लेकिन बाद में अन्य का कॉलम हटा दिया गया। पढ़ना लिखना मुश्किल होता है। पहचान छुपाकर पढ़ना पड़ता है और 12वी के बाद तो स्थितियां दयनीय हो जाती है। टीएसपी में ओबीसी का आरक्षण नहीं है और किन्नरों को इस श्रेणी में ही रखा गया है। ऐसे में वागड़ में किन्नर अपना भविष्य किस तरह बनाएं। कई कोटे निर्धारित किये गये मगर किन्नरों के लिए क्या है? हमारे लिए भी अलग से आरक्षण का कोटा होना चाहिए ताकि हम भी मुख्य धारा में स्वाभिमान के साथ जी सकें। किन्नरों के लिए गरिमा गृह स्थापित किया जाये तो कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। ये उनका वन स्टाप डेस्टिनेशन हो जाएगा व सभी समस्याओं के समाधान को दिशा देगा। हमें भी जीने का हक है, हमें भी भगवान ने भेजा है। राज्य सरकार को अन्य राज्यों की तरह यहां पर भी 2 प्रतिशत आरक्षण और सम्मानजनक जीवन के लिये गरिमा गृह स्थापित किया जाना चाहिए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation यात्री को वीडियो बनाने से रोकना भारी पड़ा, कंडक्टर से मारपीट, सोने की चेन लूटी रेप कर तलवार से दो अंगुलियां व अंगूठा काटा, 31 टांके आए, उदयपुर रेफर