24 न्यूज अपडेट उदयपुरा। 24 न्यूज अपडेट उदयपुर। सुखाड़िया रंगमंच टाउन हॉल पर सुंदरसिंह भण्डारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से सुंदरसिंह भण्डारी और डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर व्याख्यानमाला में मंच से नीचे धकेल दिए गए जनसंघ के जमाने से पार्टी की सेवा करते आ रहे व वरिष्ठ संघनिष्ठ अधिवक्ता विजयलाल सुहालका को आखिरकार वसुंधरा राजे से मिलने का मौका मिल ही गया। कार्यक्रम के बाद उन्हें वसुंधरा की ओर से बुलाया गया। सुहालका ने बतया कि कटारियाजी ने भी मंच से क्षमा मांगी कि किसी कार्यकर्ता को कुछ कह दिया हो तो क्षमा चाहता हूं। इसलिए अब मेरा गुस्सा भी ठंडा हो गया है। मैं सविना से 50 रूपए की स्पेशल ‘गुलाब वाली माला’ लेकर आया था जिसे वसुंधराजी को भेंट की। साथ ही ज्ञापन दिया। उन्होंने ज्ञापन में क्या लिखा और मंचपर क्या कुछ हुआ, इस बारे में हमने बात की सुहालकाजी से-………. कटारियाजी मंच पर हाका करते हुए मेरे साथ धक्काधूम कर रहे थे। नहीं-नहीं, अभी नहीं, आप बीच में क्यों आ रहे हो, कहके मुझे धक्का दे रहे थे। बाद में उन्होंने ही मंच से क्षमा मांगी कि किसी कार्यकर्ता को कुछ कह दिया हो तो क्षमा चाहता हूं। वसुंधराजी ने खुद अपने पीए से कहा कि प्रोग्राम खत्म हो और वकील साहब को बुला लो। वे तो मुझे अच्छे से पहचानती हैं। कटारियाजी भी मुझे पहचानते हैं। मैंने उनसे पूछा कि भाई साहब आप मुझे नहीं पहचाते हो क्या, मेरी टांग टूटी हुई है कुछ हो जाता तो क्या हो जाता। मैं एडवोकेट हूं, डरने वाला नहीं हूं। इनकी कुछ मामलों में क्रिटीसाइज की तो ये ऐसा कर रहे हैं। आपको बता दूं, उदयपुर का टिकट प्रमोद सामर को मिल रहा था। ये तो कटारियाजी बीच में आ गए। मैं जनता पार्टी में महासचिव था रजिस्टर्ड, भैरोंसिंहजी से डायरेक्ट बात करता था। 1967 में अटलजी के साथ अखिल भारतीय सम्मेलन का कैंप अटेण्ड किया था। मेरा एक्सीडेंट 16 अक्टूबर को सविना में हो गया था, हिप्स बॉल टूट गई। अमेरिकन हॉस्पिटल में तीन महीने भर्ती रहा। मैं राजस्थान स्टेट शूगर मिल में था। मेरा गुस्सा अब शांत हो चुका है। मैंने गुलाबजी को कहा कि मैं आपके खिलाफ मामला भी दर्ज करवा सकता हूं। एक मिनट का ज्ञापन देना था मुझको तो, वसुंधराजी मुझे पहचानते हैं।बहोत से लोग तो तारीफ कर रहे हैं कि अच्छा किया। कार्यकर्ता कह रहे हैं कि अच्छा किया। जबकि क्रिटिसाइज करने वाले कह रहे हैं कि प्रोटोकॉल नहीं तोड़ना चाहिए था। वे लोग आकर बैठे ही थे कि मैं चला गया, कार्यक्रम शुरू भी नहीं हुआ था। वसुंंधराजी मुझे पहचानती हैं वो बुला रही थी। ऐसे में मैं चला गया, मुझे तो एक मिनट में माला उनके हाथ में देकर ज्ञापन देना था उसके बाद वापस लौटना था। मैंने सविना से 50 रूपए में फर्स्ट क्लास गुलाब की माला खरीदी थी वसुंधराजी के लिए।आखिर क्या था ज्ञापन मेंवसुंधरा मंच को मैं सर्टिफाइड करवाना चाहता हूं। उसका शपथ समारोह बार हॉल में रखना चाहता हूं। थोडा खर्चा करके गेस्ट भी बुलाउंगा। मंच में कई लोग जुडने को तैयार हैं। उस कार्यक्रम में वसुंधराजी के सुपुत्र दुष्यंतजी को बुलाएंगे। इसी को लेकर आज वसुंधराजी से बात हुई, उन्होंने इसके लिए हां कर दी है। वैसे यहां पर वसुंधराजी के साथ आज भी कोल्ड वार चल रहा है। कटारियाजी ने किसको राजनीतिक रूप से नहीं काटा यह बात सबको पता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 18 साल बाद हुए चुनाव, सलीम शेख बने उदयपुर केबल ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष विद्यापीठ – तीन दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस का आगाज कल, पानी वाले बाबा डॉ. राजेन्द्र सिंह कल उदयपुर में कान्फ्रेंस का करेंगे शुभारंभ