24 न्यूज़ अपडेट जयपुर, 11 अगस्त, रविवार। ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. की राजसमंद इकाई द्वारा आज उदयपुर में कार्यवाही करते हुये डॉ. जुल्फिकार अहमद काजी समुचित प्राधिकारी, पी.सी.पी.एन.डी.टी एवं संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जोन-उदयपुर को परिवादी से 1 लाख 25 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक श्री डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि ए.सी. बी. की राजसमंद इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि सोनोग्राफी मशीन को सील करने, सोनोग्राफी रजिस्टर वापस लौटाने एवं आगे परेशान नहीं करने की एवज में आरोपी डॉ. जुल्फिकार अहमद काजी समुचित प्राधिकारी, पी.सी.पी.एन.डी.टी एवं संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जोन-उदयपुर द्वारा 1 लाख 50 हजार रूपये रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है।जिस पर एसीबी उदयपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस श्री राजेन्द्र प्रसाद गोयल के सुपरवीजन में एसीबी की राजसमंद इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हिम्मत सिंह चारण के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया जाकर आज पुलिस निरीक्षक श्री मंशाराम द्वारा मय टीम के उदयपुर में ट्रेप कार्यवाही करते हुए आरोपी डॉ. जुल्फिकार अहमद काजी समुचित प्राधिकारी, पी.सी.पी.एन.डी.टी एवं संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जोन-उदयपुर को परिवादी से 1 लाख 25 हजार रूपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।एसीबी जयपुर की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक श्री डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने समस्त प्रदेशवासियों से अपील की है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की हैल्पलाईन नं. 1064 एवं Whatsapp हैल्पलाईन नं. 94135-02834 पर 24X7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। एसीबी आपके वैध कार्य को करवाने में पूरी मदद करेगी।प्राइवेट हॉस्पिटल-सोनोग्राफी सेंटर को देते थे लाइसेंस, पहले भी आई शिकायतेंडॉ जुल्फिकार अहमद काजी ज्वाइंट डायरेक्टर होने के साथ उदयपुर शहर में पीसीपीएनडीटी के समुचित प्राधिकारी अधिकारी भी थे। ऐसे में इनके पास सभी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज, बड़े हॉस्पिटल्स और सोनोग्राफी सेंटर को लाइसेंस देने, उनका रिन्यूअल और मॉनिटरिंग का जिम्मा था। जहां इनके खिलाफ शिकायतें मिलती रहीं। इसके अलावा इनके खिलाफ जिले की कई प्रमुख जांच को लंबित रखने के भी आरोप लगते रहे है। सरकार ने हटाया तो कोर्ट स्टे से पद पर बना रहा डॉ जुल्फिकारवर्ष 2019 में डॉ जुल्फिकार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में ज्वाइंट डायरेक्टर बनाया था। फरवरी 2024 में सरकार ने उन्हें हटाकर डॉ प्रकाश चन्द्र को ज्वाइंट डायरेक्टर बना दिया था। इसके विरोध में डॉ जुल्फिकार हाईकोर्ट से स्टे लेकर वापस पद पर बने रहे। ऐसे में राज्य सरकार ने हाल ही स्टे का निस्तारण करते हुए डॉ प्रकाश चन्द्र को एपीओ कर दिया। इस पर डॉ जुल्फिकार अपने पद पर बने रहे। अब कार्रवाई के बाद डॉ प्रकाश को वापस ज्वाइंट डायरेक्टर बनाया जा सकता है Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 400 विद्यार्थियों ने किया दो दिन तक सामुदायिक कार्य, नया खेड़ा में कौशल विकास के साथ स्वास्थ्य एवं पर्यावरण चेतना के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित डेढ़ करोड़ की चोरी कर कावड़ यात्रा पर निकल गए बदमाश, पैंतरा काम न आया पकड़े गए